यूपी के सीएम आदित्यनाथ योगी ने ‘अनुसूचित जाति की पुत्रियों की शादी के लिए अनुदान योजना’ को सामूहिक विवाह योजना के रूप में लागू किए जाने की संभावनाओं पर विचार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इससे गरीब लड़कियों का दहेज रहित विवाह हो सकेगा। उन्होंने कहा कि इस योजना का नाम कन्यादान योजना रखा जाए।
केंद्रीय योजनाएं से जुड़ेंगी राज्य की योजनाएं
मुख्यमंत्री ने सभी योजनाओं को भारत सरकार की योजनाओं से जोड़ने पर जोर देते हुए कहा कि इससे केंद्र सरकार से धन मिलने में आसानी होगी। इन्हें लागू करने में धन की कमी भी आड़े नहीं आएगी।
छात्रवृत्ति नियमावली में होगा संशोधन
अनुसूचित व सामान्य जाति के विद्यार्थियों के लिए लागू पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना की कमियों को दूर करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसमें मौजूद गड़बड़ियों को तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने इस योजना के तहत विमुक्त जातियों-भर और कोरी आदि को लाभान्वित करने पर भी जोर दिया।
उन्होंने अनुसूचित जाति और सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए लागू दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना की मौजूदा नियमावली में संशोधन करने के निर्देश भी दिए। वर्ष 2017-18 के लिए छात्रवृत्ति मास्टर डाटा को अपडेट करने के भी निर्देश दिए।
योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अत्याचार उत्पीड़न के तहत दी जाने वाली आर्थिक सहायता देने से पहले यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि इसका दुरुपयोग न होने पाए। उन्होंने कहा कि पीड़ित की मदद चार्जशीट के बाद समयबद्ध ढंग से की जाए।