सरकार एथनॉल के जरिए गन्ने को ग्रीन गोल्ड बनाने का प्रयास कर रही है। सरकार के प्रयास से अब उत्तर प्रदेश देश का सर्वाधिक (126.10 करोड़ लीटर वार्षिक) आपूर्ति करने वाला राज्य बन चुका है। कुल 50 आसवानियां एथनॉल बना रही हैं। पिछले वर्ष दो मिलें हैवी मोलासिस से एथनॉल बना रही थीं। इस साल इनकी संख्या बढक़र 20 हो गयी।
177 लाख लीटर सैनिटाइजर का उत्पादन कर बनाया रिकार्ड
योगी सरकार ने कोरोना काल में 9 महीने की अवधि के दौरान सैनिटाइजर का 177 लाख लीटर उत्पादन कर राजस्व वृद्धि का एक नया रिकार्ड बनाया। राज्य की चीनी मिलों और छोटी इकाइयों से 24 मार्च से 15 नवंबर 2020 तक 177 लाख लीटर सैनिटाइजर का रिकॉर्ड मात्रा में उत्पादन कर, 137 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाया। योगी सरकार ने इस सफलता से चीनी मिलों को घाटे का सौदा बता कर कौडि़यों के भाव बेच देने वाली पिछली सरकारों को न सिर्फ आइना दिखाया बल्कि गन्ना किसानों को रोजगार और मुनाफे के नए आयाम से भी जोड़ा।
आबकारी विभाग के मुताबिक यूपी के बाहर 78.38 लाख लीटर सैनिटाइजर की बिक्री हुई है । वहीं यूपी में कुल 87.01 लाख लीटर सेनीटाइजर बेचा गया है। सैनिटाइजर की कुल बिक्री 165.39 लाख लीटर हुई है। अपर मुख्य सचिव आबकारी संजय आर भूसरेड्डी के मुताबिक 'आपदा में अवसर' मंत्र का पालन करते हुए आबकारी विभाग ने सेनीटाइजर का समय पर उत्पादन कराया। साथ ही बाजार में समय पर सेनीटाइजर की उपलब्धता भी सुनिश्चित की ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का साफ निर्देश है कि जब तक खेत में किसानों का गन्ना है तब तक उस क्षेत्र की मिल को चलना चाहिए। पेराई और भुगतान के साथ सरकार ने चीनी की रिकवरी (11.46 फीसद)के क्षेत्र में भी रिकॉर्ड बनाया। गन्ने की ढ़ुलाई का मानक किमी की बजाय प्रति कुंतल करने से भी किसानों को लाभ हुआ।
पहले सरकार 8.75 रुपये प्रति किमी की दर से भुगतान करती थी, इसे बदलकर 42 पैसे प्रति कुंतल कर दिया गया। फर्जी बांड गन्ना माफियाओं का सबसे प्रभावी हथियार था। सरकार ने दो लाख से अधिक फर्जी बांड रद्द कर इन माफियाओं की कमर तोड़ दी। पारदर्शिता के लिए गन्ना किसानों का पंजीकरण शुरू किया गया। इसी क्रम में गन्ना एप भी लांच किया गया।
गन्ने के बारे में कुछ तथ्य
उत्तर प्रदेश देश का सर्वाधिक गन्ना उत्पादक राज्य है। देश के गन्ने के कुल रकबे का 51 फीसद एवं उत्पादन का 50 और चीनी उत्पादन का 38 फीसद उप्र में होता है । देश में कुल 520 चीनी मिलों से 119 उत्तर प्रदेश में हैं। करीब 48 लाख गन्ना किसानों में से 46 लाख से अधिक मिलों को अपने गन्ने की आपूर्ति करते हैं। यहां का चीनी उद्योग करीब 6.50 लाख लोग प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार देता है।