बजट भाषण में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि योगी सरकार ने कोविड महामारी के दौरान जिस कुशलता से इसका सामना किया, उसकी प्रशंसा विश्व स्तर पर की गई। आज प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं का प्रसार जिस प्रकार से हुआ है और लगातार हो रहा है, वह अदभुत है। उन्होंने कहा कि आठ वर्ष पहले प्रत्येक वर्ष प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में संक्रमक रोगों से बड़े पैमाने पर मौतें हुआ करती थीं। रोगों की पहचान, रोकथाम और इलाज की व्यवस्थाएं जनमामान्य को उपलब्ध नहीं थीं, मगर आज प्रदेश में 80 मेडिकल कॉलेज हैं, जिनमें 44 राज्य सरकार द्वारा संचालित हैं, जबकि 36 निजी क्षेत्र में हैं। प्रदेश में 2 एम्स एवं आईएमएस, बीएचयू, वाराणसी तथा जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, अलीगढ़ संचालित हैं। वर्ष 2024-2025 में 13 स्वाशासी चिकित्सा महाविद्यालय एवं पीपीपी मोड पर 3 जनपदों-महाराजगंज, सम्भल तथा शामली में नवीन मेडिकल कॉलेज स्थापित किये गये हैं। वर्तमान में प्रदेश में राजकीय एवं निजी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेजों/चिकित्सा संस्थानों/ विश्वविद्यालयों में एमबीबीएस की 11,800 सीटें तथा पीजी की 3971 सीटें उपलब्ध हैं। इन कॉलेजों से आज बेहतर चिकित्सक निकल रहे हैं।
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में वर्तमान में 2,110 आयुर्वेदिक, 254 यूनानी एवं 1585 होम्योपैथिक चिकित्सालयों के साथ ही 8 आयुर्वेदिक कॉलेज व उनसे संबद्ध चिकित्सालय, 2 यूनानी कॉलेज व उनसे संबद्ध चिकित्सालय और 9 होम्योपैथिक कॉलेज व उनसे संबद्ध चिकित्सालय संचालित हैं। वित्तीय वर्ष 2025-2026 में महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय, गोरखपुर का निर्माण कार्य पूर्ण किया जाना, जनपद अयोध्या में राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय का निर्माण कार्य पूर्ण किया जाना, जनपद वाराणसी में राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज की स्थापना कराना लक्षित है।