योगी सरकार की नई स्टार्टअप नीति को वेंचर फंड का बड़ा सहारा मिला है। देश के प्रमुख वेंचर फंड्स और एआईएफ ने वेंचर फंड में निवेश के लिए दिलचस्पी दिखाई है। प्रारंभिक कार्पस फंड के लिए नियुक्त फंड मैनेजर सिडबी को अब तक 285 करोड़ रुपये के चार आवेदन मिले चुके हैं।
सिडबी और स्टार्टअप नोडल संस्था की इसी महीने होने वाली वेंचर कैपिटल इन्वेस्टमेंट कमेटी की बैठक में आवेदनों पर निर्णय किया जाएगा। सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि जिन स्टार्टअप्स और इनक्यूबेटर्स के प्रस्ताव पहले ही अनुमोदित हो चुके हैं, उनके लिए सरकार ने नोडल संस्था को 41 लाख रुपये जारी किए हैं।
इससे स्टार्टअप्स को भरण-पोषण भत्ते, व्यवसायीकरण के स्तर पर सीड कैपिटल सहायता और इनक्यूबेटर्स को उनके परिसर में आईटी इन्फ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने के लिए आर्थिक मदद की जाएगी। सरकार ने स्टार्टअप को उनकी परिकल्पना के स्तर के आधार पर फंडिंग, पेटेंट पंजीयन, घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में शामिल होने के लिए अब्दुल कलाम प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एकेटीयू) की मदद से 150 करोड़ का कार्र्पस फंड स्थापित किया है।
प्रदेश में 100 इनक्यूबेटर्स स्थापित होंगे
हर जिले में एक इनक्यूबेटर की स्थापना होगी। प्रदेश में कम से कम सौ इनक्यूबेटर स्थापित किए जाएंगे। लखनऊ में सबसे बड़े इनक्यूबेटर की स्थापना की जाएगी। इससे स्टार्टअप के विकास और सुदृढ़ ईको सिस्टम का निर्माण तेजी से किया जा सकेगा। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, हाईटेक इंस्टीट्यूट, एबीईएस इंजीनियरिंग कॉलेज, कृष्णा इंजीनियरिंग कॉलेज, जयपुरिया मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट जैसे अन्य शिक्षण संस्थानों ने इनक्यूबेटर की स्थापना का प्रस्ताव दिया है।