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प्रमोटी आईएएस अफसरों का वेतन संरक्षण भुगतान खत्म करने पर विचार कर रही सरकार, बड़े आर्थिक नुकसान की संभावना

Sat, 13 Jun 2020 02:55 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : ani
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प्रदेश सरकार प्रमोटी आईएएस अधिकारियों को राज्य स्तर से दिए जा रहे वेतन संरक्षण की सुविधा समाप्त करने और आईएएस पे-रूल्स को पूरी तरह लागू करने पर विचार कर रही है। इससे प्रमोटी अफसरों को बड़े आर्थिक नुकसान की संभावना है। पीसीएस अधिकारी आईएएस में पदोन्नति पर ग्रेड पे-6600 में जॉइन करते हैं।
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लेकिन, प्रदेश में पदोन्नति में देरी की वजह से पीसीएस अफसरों की जब तक पदोन्नति होती है वे ग्रेड पे-10000 व कई लोग 12,000 तक पहुंच जाते हैं। आईएएस पे-रूल्स के मुताबिक केंद्र सरकार पदोन्नति प्राप्त करने वाले अफसर को ग्रेड पे-8700 तक के लिए तो वेतन संरक्षण का लाभ देती है।

लेकिन, इससे उच्च ग्रेड पे पर वेतन संरक्षण की कोई व्यवस्था नहीं है। प्रदेश सरकार ग्रेड पे-8700 से पदोन्नति के ठीक पहले तक प्राप्त हो रहे ग्रेड पे के अंतर की राशि अपने बजट से वेतन प्रतिपूर्ति संरक्षण के रूप में देती है। केंद्र सरकार को इसी पर आपत्ति है। केंद्र का तर्क है कि जब एक बार अधिकारी अखिल भारतीय सेवा में आ गया तो उस पर सभी नियम उसी के हिसाब से लागू होंगे।
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16 जून को इस समिति की पहली बैठक

ऐसे में ग्रेड पे-8700 के बाद वेतन संरक्षण की व्यवस्था समाप्त होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार के पत्र पर प्रमोटी अफसरों को राज्य सरकार के स्तर सेे दी जा रही वेतन प्रतिपूर्ति संरक्षण सुविधा को वापस लेने और आईएएस पे रूल्स के प्रावधानों को पूरी तरह लागू करने के संबंध में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है।

मुख्य सचिव ने इस समिति की पहली बैठक 16 जून को बुलाई है। इस मामले में समिति गठित किए जाने की जानकारी सामने आने के बाद कई प्रोन्नत आईएएस अधिकारियों ने मुख्य सचिव आरके तिवारी, अपर मुख्य सचिव नियुक्ति मुकुल सिंघल व प्रमुख सचिव न्याय जेपी सिंह से अलग-अलग मिलकर पक्ष रखा। 
 
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