मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कृषि भूमि के उपयोग परिवर्तन के लिए पारदर्शी प्रक्रिया की पहल करते हुए आवेदन पर 45 दिन में निर्णय लेना अनिवार्य कर दिया है।
अब एसडीएम को तय समय में आवेदन की जांच करवाकर भू-उपयोग परिवर्तन पर निर्णय देना होगा। यदि वह आवेदन निरस्त करता है तो उसका स्पष्ट लिखित कारण बताना होगा।
इस तरह होगा असर
- प्रदेश में भू-उपयोग परिवर्तन के हजारों मामले लंबित बताए जा रहे हैं। ऐसे सभी आवेदनों का 45 दिन के भीतर निपटारा करना होगा।
- बड़ी संख्या में निवेशक औद्योगिक इकाइयों के लिए किसानों से सीधे भूमि लेने का प्रयास कर रहे हैं। तय समय सीमा में भू-उपयोग परिवर्तन से निजी प्रोजेक्ट में तेजी आएगी।
- औद्योगिक गलियारों व नए औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भूमि लेने की कार्यवाही भी चल रही है। तय समय सीमा में निर्णय से उद्योगों के लिए तेजी से जमीन उपलब्ध हो सकेगी।
- स्थानीय स्तर पर रोजगार-कारोबार शुरू करने के लिए लोग आगे आ रहे हैं। वे आसानी से अपनी योजना के अनुसार काम बढ़ा सकेंगे।