योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल के तीसरे बजट में रामराज्य की परिकल्पना को साकार करने का संकल्प दिखता है। भगवान राम को समर्पित राज्य के अबतक के सबसे बड़े बजट में समाज के सबसे कमजोर तबके से लेकर किसानों के उत्थान पर खास ध्यान दिया गया।
विकसित उत्तर प्रदेश की बुलंद इमारत के लिए युवा और महिला सशक्तीकरण के जरिये भविष्य के राज्य की मजबूत नींव रखी गई। आने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए हर वर्ग के मतदाताओं को साधने का प्रयास भी बजट के माध्यम से किया गया है।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सोमवार को विकास और उत्थान पर केंद्रित 7.36 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। रामराज्य के लक्ष्य पर केंद्रित योगी सरकार के आठवें बजट का आरंभ और अंत रामनाम के साथ हुआ। मुख्यमंत्री ने इसे उत्सव, उद्योग व उम्मीद का बजट करार दिया, जिसमें आम आदमी पर टैक्स का अतिरिक्त बोझ नहीं बढ़ाया गया।
इस बजट में 2023-24 की तुलना में 6.7 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। प्रदेश के बजट में पहली बार 2 लाख 3 हजार 782 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का प्रावधान किया गया है। साफ है कि जितना ज्यादा बुनियादी ढांचे पर खर्च किया जाएगा, उतना ही कारोबार और रोजगार बढ़ेगा।
यूपी को देश की दूसरी अर्थव्यवस्था से नंबर वन बनाने के लिए 24,863 करोड़ रुपये की नई योजनाएं शामिल की गई हैं। प्रदेश में आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए अयोध्या, काशी, मथुरा, नैमिषारण्य, विंध्याचल, देवीपाटन और बरेली में नाथ कॉरिडोर और प्रयागराज में कुंभ संग्रहालय के लिए भारी भरकम राशि की व्यवस्था की गई है।
शोध व नवाचार के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग को प्रोत्साहन देने के लिए भी में बजट प्रावधान किया गया है। इसी के तहत आईआईटी कानपुर में मेडिकल रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी और 500 बेड के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की स्थापना की जाएगी।
जेहि महुँ आदि मध्य अवसाना।
प्रभु प्रतिपाद्य राम भगवाना।।
मुख्यमंत्री ने इस चौपाई के माध्यम से बजट की व्याख्या की।
बजट की शुरुआत, मध्य और बजट के अंत में भी प्रभु श्रीराम हैं। बजट के विचार और संकल्प में एक-एक शब्द में श्रीराम हैं, श्रीराम लोकमंगल के पर्याय हैं। कहा कि लोकमंगल को समर्पित यह बजट समग्र संकल्पों को पूरा करने वाला जन कल्याण का बजट है।
पांच लाख का ब्याज मुक्त ऋण देकर तैयार करेंगे नए उद्यमी
युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ऐसी योजना पेश की गई है, जिसके तहत उन्हें नौकरी के बजाय उद्यमी बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ योजना के लिए 1000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। युवाओं को उद्यमी बनाने की राह में सबसे बड़ी बाधा धन की आ रही थी। प्रशिक्षण लेकर निकले युवा फंड के अभाव में रोजगार की तलाश में बाहर निकल जाते थे। उन्हें रोकने व प्रदेश में एमएसएमई सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए नई योजना शुरू की गई है। इसमें एक लाख युवाओं को जोड़ा जाएगा। उन्हें अधिकतम पांच लाख रुपये का ब्याज मुक्त ऋण चार वर्ष के लिए दिया जाएगा। ऋण की गारंटी सरकार लेगी।
1000 करोड़ की व्यवस्था ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ योजना के लिए
इस योजना से आगामी 10 वर्षों में दस लाख नए युवा उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य है। निजी क्षेत्र में औद्योगिक संस्थानों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश में 10 प्लेज पार्क का लाभ भी युवा उद्यमियों को मिलेगा। -राकेश सचान, एमएसएमई मंत्री
आठ महत्वपूर्ण बातें
1. युवाओं को रोजगार
अपना उद्यम शुरू करने के लिए ब्याज मुक्त ऋण।
2. बेटियों को प्रोत्साहन
कन्या सुमंगला योजना की राशि दस हजार बढ़ाई।
3. किसानों को सौगात
तीन नई योजनाओं के अलावा, मुफ्त सिंचाई और छुट्टा पशुओं से सुरक्षा।
4. इन्फ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
हवाई सुविधाओं के विस्तार व विकास के लिए 2400 करोड़। डिफेंस कॉरिडोर के लिए 550 करोड़।
5. धार्मिक व सांस्कृतिक एजेंडे पर ध्यान
अयोध्या, काशी, कुंभ, नाथ कॉरिडोर, शुक क्षेत्र व देवीपाटन तीर्थ क्षेत्र का होगा विकास।
6. सेहत को पूरा साथ
वाराणसी में नया मेडिकल कॉलेज। अयोध्या में आयुर्वेदिक महाविद्यालय व वाराणसी में होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज का भी एलान।
7. पहला ग्रीन बजट वाला राज्य
सोलर इनर्जी, बायो इनजी, ईवी, जैव विविधता में सुधार व ग्रीन कॉरिडोर संबंधी योजनाएं बढ़ेंगी आगे।
8. नए शहरों का सपना साकार
नई टाउनशिप के विकास के लिए 3000 करोड़। राज्य समार्ट सिटी योजना के लिए 400 करोड़ रुपये।
सबसे ज्यादा शिक्षा की हिस्सेदारी
शिक्षा 76,035 करोड़
ऊर्जा 57,071 करोड़
पुलिस 39,516 करोड़
लोक निर्माण 34,858 करोड़
स्वास्थ्य व परिवार कल्याण 27,086 करोड़
नगर विकास 25,698 करोड़
ग्रामीण विकास 25,409 करोड़
नमामि गंगे व ग्रामीण जलापूर्ति 25,710 करोड़
पंचायती राज 21,197 करोड़
भारी एवं मध्यम उद्योग 21,054 करोड़
कल्याणकारी योजनाओं पर खास फोकस
सर्व शिक्षा अभियान 21,310 करोड़
विधवा व वृद्धा पेंशन 12,620 करोड़
जल जीवन मिशन 22,000 करोड़
मनरेगा 5,060 करोड़
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन 36,095 करोड़
पीएम ग्राम सड़क योजना 3668 करोड़
पीएम आवास योजना 6389 करोड़
स्वच्छ भारत मिशन 7575 करोड़