मंत्रिपरिषद ने बुधवार को प्रदेश के सभी कारखानों पर विनिर्माण अधिष्ठानों को श्रम कानूनों से तीन साल के लिए छूट देने संबंधी अध्यादेश के प्रारूप को मंजूरी दे दी। यह निर्णय औद्योगिक गतिविधियों को पटरी पर लाने और नए निवेश के अवसर पैदा करने के लिए लिया है।
यह छूट फिलहाल तीन साल की अवधि के लिए अस्थायी तौर पर लागू होगी। सरकारी प्रवक्ता के अनुसार कोविड-19 वायरस महामारी के प्रकोप ने प्रदेश में औद्योगिक क्रियाकलापों व आर्थिक गतिविधियों को बुरी तरह से प्रभावित किया है। उनकी रफ्तार धीमी पड़ गई है।
इससे श्रमिकों के हितों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। चूंकि, लॉकडाउन की लंबी अवधि में औद्योगिक प्रतिष्ठान, कारखाने व उनसे जुड़े औद्योगिक क्रियाकलाप और उत्पादन लगभग बंद रहे हैं। इन्हें फिर से पटरी पर लाने के साथ ही औद्योगिक निवेश के नए अवसर पैदा करने होंगे।
पूर्व से स्थापित पुराने औद्योगिक प्रतिष्ठानों व कारखानों में औद्योगिक क्रियाकलापों एवं उत्पादन को गति प्रदान करनी होगी। नए औद्योगिक निवेश, नए औद्योगिक प्रतिष्ठान व कारखाने स्थापित करने तथा पूर्व से स्थापित पुराने प्रतिष्ठानों व कारखानों के लिए प्रदेश में लागू श्रम कानूनों से कुछ अवधि के लिए अस्थायी रूप से छूट प्रदान करनी होगी।