गन्ने की 243 नई किस्में विकसित कर किसानों की आय बढ़ा रही योगी सरकार
- बीज नर्सरी, रोग रोधी प्रजातियों और तकनीकी सहायता से खेती बन रही फायदे का सौदा
अमर उजाला ब्यूरो
लखनऊ।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार गन्ना किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। गन्ने की अधिक उत्पादक और रोग रोधी किस्मों के विकास से प्रदेश में खेती की तस्वीर तेजी से बदल रही है। अब तक 243 उन्नत किस्में विकसित की जा चुकी हैं, जो न केवल अधिक उपज दे रही हैं बल्कि शुगर रिकवरी भी बेहतर कर रही हैं।
गन्ना शोध परिषद ने पिछले दस वर्षों में 59 प्रमुख किस्मों को किसानों के लिए उपलब्ध कराया है, जिनमें 28 अगेती और 31 पछेती किस्में शामिल हैं। ये किस्में प्रदेश के अलग-अलग जलवायु क्षेत्रों में सफलतापूर्वक उगाई जा रही हैं। इससे किसानों को बेहतर उत्पादन मिल रहा है और लाभ में भी वृद्धि हो रही है। प्रदेश में 267 हेक्टेयर क्षेत्र में बीज नर्सरी तैयार की गई है, जो किसानों के लिए रीढ़ साबित हो रही है। यहां से प्रमाणित, रोगमुक्त और उच्च गुणवत्ता वाले बीज किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे फसल की गुणवत्ता के साथ-साथ उत्पादन में भी बढ़ोतरी हो रही है। इन प्रजातियों की खासियत यह है कि ये रोग रोधी क्षमता से भरपूर हैं। इससे फसल पर कीट और बीमारियों का असर कम होता है, जिससे उत्पादन लागत घटती है और मुनाफा बढ़ता है। किसानों को अब महंगे कीटनाशकों और दवाओं पर खर्च कम करना पड़ रहा है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश की गन्ना समितियों को भी मजबूत किया जा रहा है। समितियों को पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाकर किसानों को समय से भुगतान, बीज, उर्वरक, प्रशिक्षण और तकनीकी मदद दी जा रही है। सरकार के इन प्रयासों से लाखों गन्ना किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है और वे तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं।