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मिल्कीपुर उपचुनाव: योगी और संघ की रणनीति ने खिलाया कमल, 20 दिनों तक कैंप कर लिखी जीत की पटकथा

Sat, 08 Feb 2025 08:07 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या

सार

मिल्कीपुर उपचुनाव में जीत के साथ ही भाजपा ने फैजाबाद सीट पर लोकसभा चुनाव में हार का बदला ले लिया है लेकिन इसका श्रेय सीएम योगी और पर्दे के पीछे काम करने वाले संघ के कार्यकर्ताओं को भी जाता है।
 
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- फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मिल्कीपुर में भाजपा को मिली जीत ने डैमेज कंट्रोल किया है। लोकसभा चुनाव में पिछले साल फैजाबाद सीट हारने के जख्म पर यह जीत मरहम का काम कर गई। यह सीट भाजपा के लिए नाक का सवाल बन गई थी। इसके चलते भाजपा सहित संघ व उसके सम वैचारिक संगठनों ने पूरी ताकत झोंक दी थी। संघ का मानना है कि सीएम योगी के कुशल चुनाव प्रबंधन ने जीत की पटकथा लिखी।

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कुछ ही महीनों पहले लोकसभा चुनाव में भाजपा को फैजाबाद सीट पर हार मिली थी। यह हार तब मिली थी जब पांच सौ सालों के संघर्ष के बाद अयोध्या में भव्य राममंदिर का निर्माण हुआ था। पीएम मोदी ने अपने हाथों से राममंदिर में रामलला के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की थी। इस समारोह के साक्षी देश-विदेश के आठ हजार मेहमान बने थे। इससे पहले 34 हजार करोड़ की योजनाओं से अयोध्या का कायाकल्प भी हुआ था, लेकिन लोकसभा चुनाव में अयोध्या सीट पर भाजपा को पराजय का मुंह देखना पड़ा। इस बीच मिल्कीपुर में उपचुनाव की बारी आई तो भाजपा ने जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरा दम लगा दिया।

भाजपा के साथ पर्दे के पीछे से संघ ने भी कमान संभाल ली। मिल्कीपुर क्षेत्र में संघ, विद्यार्थी परिषद व अन्य संगठनों के करीब 450 कार्यकर्ताओं ने एक महीने तक दिन-रात काम कर वोटरों को जोड़ने का काम किया। राममंदिर ट्रस्ट से जुड़े डॉ़ अनिल मिश्र, विहिप के विजय प्रताप व संघ के प्रांत संपर्क प्रमुख गंगा सिंह के नेतृत्व में संघ के कार्यकर्ताओं ने 20 दिनों तक कैंप कर जीत की रणनीति तैयार की। 255 पोलिंग स्टेशनों पर छोटी-छोटी बैठक, चाय-पान की दुकान पर चर्चा आदि के माध्यम से योगी सरकार के कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का काम किया। बूथ विजय अभियान के जरिये विधानसभा क्षेत्र के 70 बूथों पर रामलला का प्रसाद घर-घर पहुंचाकर मतदाताओं को भावनात्मक रूप से भाजपा से जोड़ने की कोशिश कामयाब रही।
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लोकसभा में हार पर खूब कोसे गए थे अयोध्यावासी
राम मंदिर के उद्घाटन के बाद भी लोकसभा चुनाव में भाजपा की हार ने पूरे देश के रामभक्तों को हतप्रभ कर दिया था। सोशल मीडिया के माध्यमों से लोगों ने खूब भड़ास निकाली थी। अयोध्यावासियों को जमकर कोसा, तरह-तरह के ताने सुनने को मिल रहे थे। इस बार मतदाताओं ने लोगों को कोसने का मौका नहीं दिया और एक बड़ी जीत भाजपा की झोली में डाल दी। इसलिए मिल्कीपुर की जीत को डैमेज कंट्रोल माना जा रहा है। विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री अंकित शुक्ला कहते हैं कि जनता ने यह साबित कर दिया है कि राष्ट्रवाद व सुशासन ही उसकी पहली पसंद है।

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