फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

योगी आदित्यनाथ बोले, तलवार की नोक पर अपने विचार किसी पर नहीं थोपती हिंदू संस्कृति

Mon, 07 Aug 2017 09:12 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
म्यांमार में सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हिंदू संस्कृति तलवार की नोक पर किसी के ऊपर विचार नहीं थोपती। वह विचारों के आदान-प्रदान तथा दूसरों के विचारों को सम्मान को महत्व देती है।
विज्ञापन


हिंदू धर्म में कर्म योग को ही अध्यात्म का सर्वश्रेष्ठ मार्ग माना गया है। मुख्यमंत्री ने रविवार को म्यांमार के प्रसिद्ध नगर यंगून में ‘संवाद’ कार्यक्रम में यह बात कही।

योगी ने हिंदू संस्कृति पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि प्राचीन भारतीय दर्शन प्रतिक्रिया देने से पूर्व दूसरों की मन:स्थिति तथा विचारों को समझने पर बल देता है। किसी भी व्यक्ति के विचारों को पूरी तरह सुनने से पहले उसके विषय में कोई धारणा नहीं बनानी चाहिए।
विज्ञापन


हिंदू संस्कृति में ‘द्वंद्व’ नहीं, ‘मीमांसा’ या ‘विवेचना’ को श्रेष्ठ माना गया है। इसके चार चरण हैं। पहला श्रवण यानी ध्यानपूर्वक सुनना। दूसरा मनन यानी गहन मीमांसा, तीसरा चिंतन यानी विचार करना। चौथा कीर्तन यानी अपने विचार प्रस्तुत करना है।

हिंदू संस्कृति को भगवान बुद्ध से जोड़ा
विचारों के जीवंत एवं शांतिपूर्ण आदान-प्रदान की पंरपरा हिंदू संस्कृति में हमें विरासत में मिली है। यह दुनिया में दूसरी जगह दुर्लभ है। भगवान बुद्ध भी द्वंद्व व संघर्ष टालने के प्रबंल समर्थक थे।

बौद्ध स्थलों को सहेज रही सरकार
योगी ने कहा, उप्र में भगवान बुद्ध से जुड़े स्थलों को बौद्ध सर्किट के जरिये जोड़ने का काम हो रहा है ताकि पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को इन जगहों तक आने में आसानी रहे। दुर्भाग्य से नई पीढ़ी के पास अपने धार्मिक ग्रंथों को पढ़ने और उनके अनुरूप अनुसरण करने का समय नहीं है। इसलिए प्रकृति को समझने की संवेदना भी कम होती जा रही है, जिसका सीधा प्रभाव हमारे पर्यावरण पर पड़ रहा है।
Trending Videos

योगी आदित्यनाथ बोले, अतिवाद हर तरह से हानिकारक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया में शांति, समन्वय और सुरक्षा के लिए राष्ट्राध्यक्षों की पहल के बजाय जनता की जागरूकता व आपसी संवाद अधिक लाभकारी है। इसके बिना न तो हम पर्यावरण की रक्षा कर सकते हैं और न ही विभिन्न धर्मों व राष्ट्रों के बीच शांति एवं समन्वय स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने ये बातें रविवार को म्यांमार के यंगून में संवाद कार्यक्रम में कही।

सीएम ने कहा, बौद्ध धर्म में अभिधम्मपिटक और हिंदू धर्म में षड्दर्शन का कहना है कि निराकार से ही आकार अर्थात् संपूर्ण जगत की उत्पत्ति हुई है। यानी हम सभी एक ही ऊर्जा स्रोत से उत्पन्न हुए हैं। इसलिए आपस में मतभेद नहीं होना चाहिए। अतिवाद नहीं होना चाहिए। यह हर तरह से हानिकारक है।

भगवान बुद्ध का उनके प्रथम पांच शिष्यों को दिया गया पहला उपदेश भी किसी भी तरह के अति से दूर रहने के सुझाव के साथ आरंभ होता है। कहा कि यूपी के लोगों को भगवान राम, बुद्ध और श्रीकृष्ण की विरासत मिली है। सरकार प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विविधता और विरासत के संरक्षण पर पूरा ध्यान दे रही है। हम रामायण, कृष्ण एवं बौद्ध सर्किट का विकास कर रहे हैं।
विज्ञापन

थोपने के बजाय विचारों का आदान-प्रदान सर्वश्रेष्‍ठ

मुख्यमंत्री ने कहा, हिंदू धर्म में विचारों को थोपने के बजाय उसके आदान-प्रदान को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। अद्वैत दर्शन के प्रतिपादक आदि शंकराचार्य ने पूर्व मीमांसा परंपरा के अनुयायी व विद्वान मंडन मिश्र से शास्त्रार्थ किया था। विचारों के जीवंत व शांतिपूर्ण आदान-प्रदान की यही परंपरा हमें विरासत में मिली है, जो विश्व में कहीं और दुर्लभ है।

म्यांमार के लोग यूपी भ्रमण पर आएं
योगी ने कहा कि म्यांमार वह देश है, जिसे अब भी ब्रह्मदेश के नाम से पुकारा जाता है। यह सभी भारतीयों के हृदय के बहुत निकट है। भारत के लोग धम्म और धर्म द्वारा एक-दूसरे से बंधे हैं। उनका सौभाग्य होगा अगर म्यांमार के लोग यूपी के भ्रमण पर आएं। भगवान बुद्ध के तीनों महत्वपूर्ण उपदेश ‘धम्मम् शरणम् गच्छामि, संघम् शरणम् गच्छामि तथा बुद्धम् शरणम् गच्छामि’ आज भी प्रासंगिक हैं। यूपी का गौरव है कि भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े अनेक स्थल इसी प्रदेश में हैं।

बौद्ध स्थलों को सहेज रही सरकार
योगी ने कहा, उप्र में भगवान बुद्ध से जुड़े स्थलों को बौद्ध सर्किट के जरिये जोड़ने का काम हो रहा है ताकि पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को इन जगहों तक आने में आसानी रहे। दुर्भाग्य से नई पीढ़ी के पास अपने धार्मिक ग्रंथों को पढ़ने और उनके अनुरूप अनुसरण करने का समय नहीं है। इसलिए प्रकृति को समझने की संवेदना भी कम होती जा रही है, जिसका सीधा प्रभाव हमारे पर्यावरण पर पड़ रहा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें