मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर भारत के विखंडन की बात उठाई जाए, यह स्वतंत्रता नहीं हो सकती। संविधान इसकी इजाजत नहीं देता है। योगी शनिवार को यहां लोकभवन में स्वतंत्रता सेनानी लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के अमर उद्घोष ‘स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा’ के 101 वर्ष पूरे होने के मौके पर आयोजित ‘स्मृति-समारोह’ में बोल रहे थे।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि तिलक ने राष्ट्रधर्म के निर्वाह के लिए लखनऊ में यह उद्घोष किया था। हमें इस उद्घोष के अर्थ को समझना होगा। हमें समझना होगा कि व्यक्तिगत स्वतंत्रता, संविधान से प्राप्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अंतर्गत है। असीमित नहीं है।
कई बार लोग कहते हैं कि देश की आजादी ने उन्हें क्या दिया? ऐसा कहने वाले स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान करते हैं। देश ने हमें वह सब कुछ दिया है और दे रहा है, एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में हम जिसके अधिकारी हैं।
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कार्यक्रम में राज्यपाल राम नाईक, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस व योगी ने अमर स्वतंत्रता सेनानियों बाल गंगाधर तिलक, मंगल पांडेय, तांत्या टोपे, बहादुर शाह जफर, सावरकर, भगत सिंह, अशफाक उल्लाह खां, चंद्रशेखर आजाद, ठाकुर रोशन सिंह, रामकृष्ण खत्री, शचींद्र नाथ बख्शी व पंडित दीनदयाल उपाध्याय आदि के परिवारीजनों व तमाम स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मानित किया। समारोह में गीता गायन व भाषण प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया।
‘संकल्प से सिद्धि’ आजादी के महापुरुषों के संकल्प की ओर बढ़ने का कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर वर्ष 2022 के लिए संकल्प से सिद्धि का अभियान शुरू किया है। आजादी के समय महापुरुषों ने जो सपने देखे थे, यह अभियान उन्हें पूरा करने की ओर है।
जो लोग बांटना चाहते हैं, वे नकारात्मक बातें करते हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग बांटना चाहते हैं, वे ही नकारात्मक बातें करते हैं। यदि देश को एक भारत-श्रेष्ठ भारत के रूप में आगे बढ़ाना है तो सकारात्मक भाव से आगे बढ़ना होगा। नकारात्मकता कभी हमें आगे नहीं बढ़ा सकती।
गीता पढ़िए, कभी निराशा नहीं आएगी
योगी ने कहा कि जीवन में कभी निराशा हो तो श्रीमद्भगवद्गीता का अध्ययन-मनन करना चाहिए। कभी निराशा नहीं आएगी। तिलक ने मांडले जेल में रहने के दौरान गीता की टीका इसी बात को लेकर लिखी कि जीवन हताशा-निराशा का नाम नहीं है। यह चुनौतियों, संघर्षों से एक नया रास्ता निकालकर नई दिशा देने का नाम है। इस टीका ने स्वतंत्रता सेनानियों की हताशा को दूर कर उन्हें कर्म की ओर प्रेरित किया।
स्वतंत्रता सेनानियों के लिए आएगी नई योजना
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्वतंत्रता सेनानियों व उनके परिवारीजनों के सम्मान, पुनर्वास की कार्ययोजना बना रही है। लखनऊ स्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भवन का पुनरुद्धार किया जाएगा।
स्थापना दिवस पर यूपी को मिलेगी नई योजना की सौगात
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस पर 24 जनवरी को होने वाले कार्यक्रम में नई योजना की सौगात देने का संकेत दिया। उन्होंने कहा कि इस खास मौके पर प्रदेश के लोगों को सरकार एक अभिनव गिफ्ट देगी। उन्होंने स्मृति समारोह की तरह यूपी दिवस के आयोजन की प्रेरणा का श्रेय राज्यपाल राम नाईक को दिया।
सांस्कृतिक संबंध बढ़ाने को महाराष्ट्र व यूपी के बीच एमओयू
कार्यक्रम में महाराष्ट्र व यूपी के बीच सांस्कृतिक व शैक्षिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए एमओयू भी हुआ। इस पर यूपी की ओर से अपर मुख्य सचिव उच्च एवं माध्यमिक शिक्षा संजय अग्रवाल व महाराष्ट्र के अपर मुख्य सचिव शिक्षा केजे कुंते ने हस्ताक्षरित सहमति पत्र अपने-अपने मुख्यमंत्रियों को सौंपे। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि यह एमओयू भाषाई विवाद मुक्त भारत और सांस्कृतिक रूप से उस परिकल्पना को साकार करने की ओर एक कदम है जो आदि शंकराचार्य ने देश के चार कोनों पर चार मठों की स्थापना कर की थी।
राज्यपाल व सीएम ने साधा अखिलेश पर निशाना
- फोटो : amar ujala
कार्यक्रम में राज्यपाल नाईक और मुख्यमंत्री योगी ने ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर निशाना साधा। नाईक ने कहा, तिलक के अमर उद्घोष के 100 वर्ष पूर्ण होने पर मैंने तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को लखनऊ में कार्यक्रम करने को कहा था लेकिन उन्हें नहीं जमा। नई सरकार चुनकर आई तो योगी आदित्यनाथ से कहा कि सौ साल का नहीं तो 101 साल पूरे होने पर आयोजन कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस समारोह नहीं मनाने पर पूर्व सीएम अखिलेश यादव सहित पूर्ववर्ती सरकारों को घेरा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में उत्तर प्रदेश दिवस मनाया जाता है, लेकिन पहले सरकार स्थापना दिवस नहीं मनाती थी, उन्हें पता ही नहीं था। लोग सरकार में आते थे, पांच साल टाइम पास कर निकल जाते थे। या तो उन्हें फुरसत नहीं थी या इच्छाशक्ति नहीं थी। आगामी 24 जनवरी को उत्तर प्र्रदेश में पहली बार प्रदेश का स्थापना दिवस मनाया जा रहा है।
महाराष्ट्र और यूपी मिलकर देश को देश को समृद्ध बनाएंगे : फडणवीस
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
- फोटो : amar ujala
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश मिलकर देश को सुखी व समृद्ध बनाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संकल्प से सिद्धि का जो रास्ता दिखाया है, उस पर दोनों प्रदेश साथ चलेंगे।
फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र व यूपी का रिश्ता बहुत पुराना है। तांत्या टोपे ने महाराष्ट्र से कानपुर आकर आजादी का संघर्ष किया। झांसी की रानी लक्ष्मी बाई भी महाराष्ट्र से ही आई थीं। वहीं, यूपी के लोगों ने महाराष्ट्र को समृद्ध बनाने बनाने में सहयोग किया है। बॉलीवुड के राजा अमिताभ बच्चन ने भी यूपी से मुंबई आकर देश व दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई।
उन्होंने कहा कि 2020 में जापान के लोगों की औसत आयु 48 वर्ष, पूर्वी यूरोप की 44 वर्ष, पश्चिमी यूरोप की 41 वर्ष, अमेरिका की 39 वर्ष, चीन की 37 वर्ष होगी, उस समय भारत की औसत आयु मात्र 25 वर्ष होगी। तब विश्व के देशों में अर्थव्यवस्था का संचालन करने के लिए मानव संसाधन की आवश्यकता की पूर्ति भारत ही कर सकेगा।
राष्ट्रभक्त सीएम बनते हैं तो ऐसे ही कार्यक्रम होते हैं
फडणवीस ने स्मृति समारोह की सराहना करते हुए कहा कि जब एक राष्ट्रभक्त मुख्यमंत्री बनता है तो इसी तरह के कार्यक्रम होते हैं। उन्होंने कहा, मैं महाराष्ट्र का पहला मुख्यमंत्री हूं, जो मुंबई में यूपी दिवस के सभी कार्यक्रमों में शामिल हुआ।