मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने दुनिया के सबसे पुराने मामले में सत्य और न्याय की जिस कसौटी पर रखकर निर्णय दिया है वह जय-पराजय से कहीं आगे जाकर देश के लोकतंत्र और न्यायपालिका के प्रति लोगों के विश्वास और सम्मान को मजबूत करेगा।
मुख्यमंत्री ने फैसले के बाद एक बयान में कहा कि राम जन्मभूमि पर श्रीराम का भव्य मंदिर श्रीराम की कीर्ति की तरह दुनिया के कोने-कोने में देश की कीर्ति फैलाएगा। श्रीराम मंदिर राष्ट्र मंदिर के तौर पर एक भारत-श्रेष्ठ भारत के प्रधानमंत्री केसंकल्प को पूरा करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब 492 वर्ष पुराने दुनिया के सबसे बड़े विवाद का जिस शांतिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण ढंग से समाधान हुआ है, उसने भारत के लोकतंत्र की व्यवस्था को और मजबूत किया है।
इस फैसले ने दुनिया को यह संदेश भी दिया है कि देश की न्यायपालिका और जनता में इतनी परिपक्वता व क्षमता है कि वह बड़े से विवाद का भी सर्वसम्मति और सर्वस्वीकार्यता से समाधान कर सकती है। योगी ने इस फैसले के लिए उच्चतम न्यायालय का अभिनंदन किया हे। उन्होंने शांति व सौहार्द के लिए लोगों को बधाई भी दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक की शांति और सुरक्षा मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस फैसले ने यह भी साबित किया है कि मामले को लटकाने की बजाय न्याय की कसौटी को ध्यान में रखकर जो भी फैसला आएगा वह सर्वस्वीकार्यता का प्रतीक बनेगा। मुख्यमंत्री ने फैसले के बाद साधु-संतों, सभी धर्म गुरुओं, प्रबुद्धजनों, प्रदेश के समस्त प्रशासनिक अधिकारियों व कर्मचारियों को शांति और सौहार्द का वातावरण बनाए रखने में निभाई भूमिका के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया है।
उन्होंने कहा कि बेहतर वातावरण बनाने के लिए मीडिया की भूमिका की भी प्रसंशा की है। योगी ने कहा कि प्रदेश के लोग इन्हीं नैतिक दायित्वों व आपसी एकता से देश और दुनिया को वसुधैव कुंटुबकम का संदेश देते रहेंगे।