मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के पास उन लोगों का पूरा आंकड़ा मौजूद है जिन्हें जिन्हें उत्तर प्रदेश की सीमाओं से प्रदेश के अलग-अगल हिस्सों में भेजा गया है। इन सभी को हर हाल में चिन्हित कर क्वारंटीन में रखा जाए।
उन्होंने निर्देश दिया कि हर जिले में बड़ी संख्या में आश्रय स्थल बनाए जाने चाहिए और जो भी लॉकडाउन का पालन करता न दिखे उन्हें इन आश्रय स्थलों पर रखा जाए। जिन आश्रय स्थलों में सौ से ज्यादा लोग हों वहां कम्युनिटी किचन की शुरुआत की जाए। जहां सौ से कम लोग हैं वहां भोजन पैकेट का इंतजाम किया जाए। हर आश्रय स्थल में हेल्थ प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तमाम सामाजिक संस्थाएं और लोग इस आपदा के समय भोजन देकर लोगों की मदद करना चाहते हैं तो ऐसे लोगों से समन्वय स्थापित कर कुछ आश्रय स्थलों पर इनके माध्यम से भी भोजन पहुंचाया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी आटा मिलें, दाल मिलें और तेल मिलें सभी हेल्थ प्रोटोकॉल का पालन करते हुए चलवाई जाएं।