पुलिस अधिकारियों से कहा कि महिलाओं के साथ किसी भी हाल में छेड़छाड़ या अभद्रता जैसी घटनाएं नहीं होनी चाहिए। किसी तरह की नई परंपरा न शुरू होने देने और शरारती तत्वों से सख्ती से निपटने के निर्देश भी मुख्यमंत्री ने दिए। उन्होंने कहा कि विजय दशमी पर शस्त्र पूजन के दौरान शस्त्रों का प्रदर्शन न होने पाए।
निराश्रित गोवंश की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण करने को कहा
मुख्यमंत्री ने कहा कि निराश्रित, बेसहारा गोवंश की समस्या पर शीघ्रता से प्रभावी नियंत्रण किया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि इनसे किसानों की फसलों को कोई नुकसान न हो। साथ ही, इनके कारण होने वाली मार्ग दुर्घटनाओं पर भी नियंत्रण लगाया जाए।
मुख्यमंत्री ने आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन नंबर पर दर्ज कराई जाने वाली पुलिस से संबंधित शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई न करने वाले अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। ललितपुर, औरैया, सीतापुर, बिजनौर, झांसी, सिद्धार्थनगर, कानपुर देहात, मेरठ, मैनपुरी और एटा में शिकायतों के निस्तारण पर नाराजगी जाहिर की और इन जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि 2 अक्तूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे देश को ओडीएफ घोषित करेंगे। ऐसे में सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों में शौचालय निर्माण की पेंडेंसी को तुरंत खत्म करें।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ग्रस्त जिलों के जिलाधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक उपाय करने को कहा। राहत शिविरों को प्रभावी ढंग से संचालित किया जाए। इन शिविरों में खाद्य सामग्री तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, शिविरों में मौजूद लोगों को आवश्यकतानुसार स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएं। पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की जाए।
उन्होंने दैवीय आपदा तथा बाढ़ में मृत लोगों के आश्रितों को 24 घंटे के अन्दर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कहा कि बाढ़ उतरने के उपरांत अगले 15 दिनों तक विशेष सावधानी बरती जाए, क्योंकि इस दौरान बीमारियां फैलने की प्रबल सम्भावना होती है।
उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि पांच अक्तूबर तक बाढ़ से नुकसान का आकलन कर उसकी रिपोर्ट शासन को उपलब्ध कराएं।