शासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ऑडिट में इन सभी बिंदुओं की गहन जांच की जाएगी। जिन कार्यों के लिए सिंगल टेंडर आने पर भी ठेके दिए गए, उनकी भी जांच होगी ताकि पता किया जा सके कि ऐसा किसी दबाव के चलते तो नहीं हुआ। ई-टेंडर का प्रचार-प्रसार ठीक से किया गया या नहीं। यह भी जांच होगी कि सिंगल टेंडर स्वीकार करने से पहले निर्धारित नियम-कायदों का पालन हुआ या नहीं।
किसी कार्य के लिए पहली बार सिंगल टेंडर आने पर दुबारा टेंडर आमंत्रित किए जाने का नियम है। दुबारा भी सिंगल टेंडर आने पर पीडब्ल्यूडी के शिड्यूल रेट से कम रेट दिए जाने पर इसे स्वीकार किया जा सकता है, बशर्ते टेंडर फाइनल करने वाले अधिकारी ने अपने से एक स्तर ऊपर के अधिकारी से इसका अनुमोदन ले लिया हो।