कर्नाटक में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिन स्थानों पर प्रचार किया था उनमें से अधिकतर स्थानों पर पार्टी प्रत्याशी जीतने में कामयाब रहे।
इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने उन्हें महाराष्ट्र के निकाय चुनाव, गुजरात, हिमाचल और त्रिपुरा के विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए उतारा था। उसमें भी योगी पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में वोट जुटाने में कामयाब रहे थे।
योगी गुजरात से लेकर त्रिपुरा तक न सिर्फ हिंदुत्व के एजेंडे को धार देकर लोगों को भाजपा के पक्ष में लामबंद करने में कामयाब रहे बल्कि कई राज्यों में फैले नाथ संप्रदाय के अनुयाइयों को भी जोड़ने में कामयाबी हासिल की।
त्रिपुरा की तरह कर्नाटक में भी दक्षिण कर्नाटक और उडुपी में नाथ संप्रदाय के लोग अच्छी संख्या में रहते हैं। वह इनको तो भाजपा के पक्ष में मोड़ने में कामयाब तो रहे ही, इसी के साथ लिंगायत कार्ड के जवाब में वह बीजेपी के संगठित हिंदुत्व के नारे को भी धार देने में कामयाब रहे।