मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था के लिए राजस्व विभाग से जुड़े मामलों का समय रहते समाधान जरूरी है। जमीन संबंधी छोटे-छोटे विवाद जब बड़ा रूप धारण करते हैं, तो अपराध, उपद्रव और यहां तक कि दंगे तक में बदल जाते हैं।
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उन्होंने लेखपालों को लैपटॉप बांटते हुए विवादों के शीघ्र समाधान के लिए तकनीक का अधिक से अधिक प्रयोग करने का आह्वान किया। साथ ही उनके अभी तक के कामकाज पर तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि मतदाता सूचियों में 25-30 फीसदी तक नाम फर्जी हैं।
योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में ई-डिस्ट्रिक्ट योजना के तहत लेखपालों को लैपटॉप बांटे। इस अवसर पर सीएम ने कहा कि सरकार लेखपालों के सहयोग से खराब कानून-व्यवस्था पर प्रभावी अंकुश लगा सकती है।
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उन्होंने कहा कि रंजिश और राजस्व से जुड़े मामले कानून-व्यवस्था के लिहाज से समस्या खड़ी करते हैं। इस समस्या का तकनीक की मदद से समयबद्ध समाधान हो सकता है। आम जनमानस में सुशासन की छाप छोड़ी जा सकती है।
उन्होंने कहा, यही वजह है कि आज लखनऊ मंडल के लेखपालों को लैपटॉप वितरण करते हुए मुझे काफी खुशी हो रही है। उम्मीद है कि इसके इस्तेमाल का प्रशिक्षण भी आपको तत्काल मिलेगा। कहा कि लैपटॉप की खरीद और उसके संचालन का खर्च राज्य सरकार वहन करेगी।
आम लोगों की समस्या के शीघ्र समाधान दें
सीएम ने कहा कि अगर आम लोगों को समस्या का हल नहीं मिलता है, तो इसके विपरीत परिणाम सामने आते हैं। संबंधित संस्था के प्रति उनके मन में विश्वास का संकट खड़ा हो जाता है। इसलिए विभाग के स्वयं के अस्तित्व के लिए भी जरूरी है कि शीघ्र समाधान दें। प्रदेश में आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र, खतौनी व वरासत ऑनलाइन हो चुकी हैं। सिर्फ खसरा व सजरा को ऑनलाइन करना बाकी है, जिसे भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
उन्होंने लेखपालों को उनकी ताकत का अहसास कराते हुए कहा कि वे राजस्व से जुड़ी समस्याओं का समाधान करके कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अहम योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जो घटनाएं हुई हैं, उनमें से तमाम की जड़ में राजस्व संबंधी विवाद रहे हैं।
जल्द भरे जाएंगे लेखपालों के खाली पद
सीएम ने लेखपाल के खाली पदों को भरना हमारी प्राथमिकता में हैं। रिक्तियों को समयबद्ध ढंग से भरने की कार्यवाही चल रही है। उन्होंने मतदाता सूची का उदाहरण सामने रखते हुए कहा, इसे दुरुस्त करने के लिए आप लोगों के लिए बीएलओ की व्यवस्था भी की गई। लेकिन, अभी भी मतदाता सूचियों में जबरदस्त गड़बड़ियां हैं।
वास्तविक मतदाताओं का नाम चढ़ने से रह जाता है, जबकि इसमें 25-30 फीसदी नाम फेक (फर्जी) हैं। उन्होंने कहा कि अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए हर व्यस्क को जागरूक रहना चाहिए, लेकिन हमारी संस्थाओं की भी यह जिम्मेदारी है कि कोई मतदाता छूटने न पाए।
आयुष्मान योजना से छूटे लोगों का सर्वे संतोषजनक नहीं
सीएम ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना में लाभान्वित होने से जो लोग रह गए थे, उनके लिए दुबारा सर्वे कराया गया। छह महीने में जो सर्वे करके दिया, वो संतोषजनक नहीं हैं। अभी भी तमाम पात्र व्यक्ति लाभार्थियों की सूची से बाहर रह गए हैं। उन्होंने कहा कि बीपीएल परिवारों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाना हमारी जिम्मेदारी है। अभी स्थिति यह है कि राजस्व अभिलेखों में परिवर्तन कराने के लिए लोगों को महीनों और बरसों को चक्कर लगाने पड़ते हैं।
किसान सम्मान निधि में और भी बेहतर काम करने की जरूरत
सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में यूपी में अच्छा काम हुआ है, लेकिन थोड़ी सी सतर्कता रखते तो इसे और भी बेहतर किया जा सकता था। समय रहते नाम और रिकॉर्ड का मिलान कर लेते तो और अधिक लोगों को राशि मिल सकती थी। इस योजना में दो करोड़ किसानों को जोड़ने के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम करें।
उन्होंने लेखपालों का आह्वान किया कि डाटा एडवांस में तैयार कर लें, ताकि मांगे जाने पर उसे तत्काल प्रस्तुत कर सकें। उन्होंने कहा कि जिस तरह से सेना के प्रशिक्षण में जितना पसीना बहाया जाता है, युद्ध के दौरान उतना ही कम खून बहता है। यह बात हर विभाग पर लागू होती है। इसलिए मेहनत करके पहले ही जरूरी डाटा तैयार कर लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि लेखपालों की कार्यपद्धति में भी स्मार्टनेस दिखनी चाहिए।
योगी ने कहा कि जिन जिलों में एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स ने अच्छे से काम किया, वहां सरकारी योजनाओं के लिए भूमि की कमी नहीं है। लेकिन, जिन जिलों में टास्क फोर्स ने ठीक से काम नहीं किया, वहां निराश्रित गोवंश के लिए भी जमीन मिलने में मुश्किल आ रही है।
उन्होंने कहा कि भूमाफिया से जमीन तत्काल खाली कराई जानी चाहिए, वहीं अगर कोई भूमिहीन गरीब झोपड़ी बनाकर रह रहा है, तो उसके लिए तत्काल पट्टा देने की कार्यवाही शुरू कर देनी चाहिए। लेकिन, पट्टा प्रक्रिया में भी अधिकार के दुरुपयोग की कोशिश हुई। उन्होंने कहा कि लेखपाल थाना दिवस और तहसील दिवस में आम लोगों को अधिकाधिक राहत दिलाने की कोशिश करें।