मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में 1625 गांव ऐसे हैं, जिनमें आजादी के बाद से आज तक लोगों को किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला। प्रदेश सरकार इन गांवों को विकास की मुख्यधारा में लाने मे कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी।
उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे प्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बनाने के सरकार के प्रयासों में शामिल हों। साथ ही उद्यमियों से भी कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (सीएसआर) के तहत पिछड़े ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकाधिक विकास कराने की अपील की।
योगी मंगलवार को एचसीएल फाउंडेशन की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा, एचसीएल के निवेश करने से जहां हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं फाउंडेशन के सीएसआर के अंतर्गत काम करने से लोग स्वावलंबी बन सकेंगे।
सबसे बड़ा राज्य होने के कारण यूपी देश में सबसे बड़ा बाजार भी है। इसके चलते जहां उद्यमियों के लिए यूपी का विशेष महत्व है, वहीं आम नागरिकों का भी दायित्व बनना है कि वे उद्यमियों को अच्छा माहौल देने में अपना योगदान दें।
सीएम ने कहा, सरकार गरीबों के लिए योजनाएं बना सकती है लेकिन जागरूक लोगों द्वारा इन योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने से ही इन्हें अच्छे ढंग से लागू किया जा सकता है। उन्होंने एचसीएल फाउंडेशन की ओर से हरदोई के गांवों में कराए जा रहे विकास कार्यों की तारीफ की।