मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कभी-कभी न्याय मिलने में देरी अन्याय के समान होती है। योगी ने ये बात मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई जनवरी तक टलने पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करने के दौरान कही।
एक समाचार एजेंसी के साथ बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है। ‘मैं भी यही चाहता हूं कि इस पर लगातार सुनवाई हो और जल्द से जल्द समाधान निकाला जा सके।’ देश का बहुसंख्यक समाज यही चाहता है। अगर न्याय मिलने में देरी होती है तो निराशा होती है। कई बार देरी से मिला न्याय अन्याय के समान होता है।
हम इस पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। कोई न कोई रास्ता अवश्य निकलेगा। अध्यादेश के बारे में पूछने पर योगी ने कहा कि मामला कोर्ट में है। देश की शांति ओर सौहार्द की स्थापना के लिए जो भी विकल्प हो सकते हैं, उन पर विचार करना चाहिए।
अच्छा तो यही होता कि सुप्रीम कोर्ट मामले की सुनवाई करते हुए निर्णय दे देता लेकिन अभी इसकी संभावना नहीं दिखती। योगी ने कहा कि सर्वानुमति से इस मसले का समाधान निकले तो यह सर्वोत्तम रास्ता है।
मुख्यमंत्री ने संत समाज से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि संतों का सानिध्य और उनका आशीर्वाद इस आस्था और मुहिम के साथ हमेशा रहा है। विपत्ति में व्यक्ति को धैर्य नहीं खोना चाहिए। पूरे स्थिर मन से आने वाली किसी चुनौती का सामना करना चाहिए। मुझे लगता है कि यह समय ऐसा संक्रमण काल का दौर है, जब संतों को पूरे धैर्य के साथ इस समस्या के समाधान की दिशा में होने वाले सभी सार्थक प्रयासों में सहभागी होना चाहिए।
इससे देश में शांति और सौहार्द की भी स्थापना हो और भारत की हर संवैधानिक संस्था के प्रति सम्मान का भाव और सुदृढ़ हो। योगी ने कहा कि ‘मैं तो चाहता हूं कि यथाशीघ्र इस समस्या का समाधान हो जाए क्योंकि रामजन्मभूमि अयोध्या (यूपी) में है। यूपी में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का दायित्व हमारे ऊपर है और हम लोग इसे बखूबी निभाएंगे।’