पीड़ित केमुताबिक आकाश व सत्येंद्र उसे परेशान कर रहे थे। इसी बीच दोनों ने सिगरेट पीने को कहा। जब उसने मना किया तो जबरदस्ती जलती हुई सिगरेट मुंह में डाल दी। पीड़ित ने जब दोनों को धक्का देकर अपने को बचाने की कोशिश की तो दोनों गिर गये। यह बात दोनों को नागवार गुजरी। दोनों ने उसे कमरे में बंधक बनाकर जमकर पीटा। पीड़ित चीखता रहा लेकिन इन दबंग छात्रों के सामने किसी की आने की हिम्मत नहीं पड़ी।
पिटाई के बाद किया दुष्कर्म
पीड़ित के मुताबिक उसकी पिटाई की। वह अपनी जान बचाने के लिए दोनों के मिन्नतें करता रहा लेकिन कोई असर नहीं हुआ। नाराज दोनों वरिष्ठ छात्रों ने उसके कपड़े फाड़ दिये। इसके बाद बारी-बारी से दुष्कर्म किया। दर्द से कराहता हुआ। छात्र जान बख्सने की भीख मांग रहा था। लेकिन दोनों नहीं माने। इसके बाद दोनों ने धमकी दी कि अगर किसी के सामने मुंह खोला तो जान से मार देंगे। पीड़ित पूरी रात दर्द से परेशान रहा। 5 फरवरी को उसने इसकी शिकायत विश्वविद्यालय प्रशासन से की। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहले पीड़ित छात्र का इलाज कराया। इसके बाद जांच शुरू की। जांच में वारदात सही पाई गई। जिस पर 8 फरवरी को पीड़ित की तहरीर पर विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर की मुहर लगाकर थाने भेजी गई। प्रभारी निरीक्षक पारा राजेश कुमार के मुताबिक पीड़ित की तहरीर पर आरोपी सत्येंद्र यादव व आकाश यादव केखिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है।
एंटी रैगिंग सेल कर रहा जांच
छात्र की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। मामला एंटी रैगिंग सेल को ट्रांसफर किया गया है। छात्र का मेडिकल कराया गया है। उसे विवि में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं होने पाएगी। अगर उसकी शिकायत सही है तो गलत करने वाले के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस तरह की अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-अमित कुमार सिंह, रजिस्ट्रार, पुनर्वास विवि
रिकॉर्डिंग पर हॉस्टल में हुआ हंगामा
डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार दोपहर को छात्रावास में वीडियो बनाने को लेकर हंगामा हुआ। छात्रों का आरोप है कि छात्रावास कर्मचारी उनका खाना खाते वक्त का वीडियो बना रहे थे। इससे नाराज होकर उन्होंने नाराजगी जताई और इसका कारण पूछा तो कारण स्पष्ट नहीं हो सका। वहीं कुछ लोग इसे रैगिंग के आरोप वाले मामले से भी जोड़कर देख रहे हैं। उनका कहना है कि वह आरोपितों का वीडियो बनाकर किसी को देना चाहता था। जिसका विरोध अन्य छात्रों ने किया। रजिस्ट्रार ने कहा कि इस मामले को भी दिखवाया जा रहा है।