मां के दूध से नवजात को कोरोना संक्रमण नहीं हो सकता। कोरोना पॉजिटिव मां शिशु को स्तनपान करा सकती है। हालांकि उसे कुछ जरूरी नियमों का पालन करना होगा। यूनिसेफ की पोषण विशेषज्ञ रिचा सिंह पांडेय ने विश्व स्तनपान दिवस की पूर्व संध्या पर यह जानकारी दी।
‘संक्रमण के समय स्तनपान’ थीम पर आयोजित मीडिया समिट में रिचा सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमित मां अपने नवजात बच्चे को दूध पिला सकती है। उसे सिर्फ ध्यान रखना होगा कि वह नवजात को छूने से पहले अपने हाथ साबुन से 20 सेकंड तक जरूर धोए, दूध पिलाते समय मास्क जरूर पहने, मां जिस भी वस्तु या जगह को छुए, उसे विसंक्रमित किया जाए। इससे शिशु के संक्रमित होने की संभावना कम रहती है।
उन्होंने बताया कि ब्रेस्ट फीडिंग प्रोमोशन नेटवर्क ऑफ इंडिया (बीपीएनआई) के अनुसार डब्लूएचओ ने स्पष्ट किया है कि मां के दूध से कोविड-19 नहीं फैलता है। जन्म के बाद मां और बच्चे की त्वचा से त्वचा छूने की भी अनुमति है। कोई भी कोविड-19 संक्रमित या संदिग्ध मां शिशु को जन्म देने के पहले घंटे के अंदर स्तनपान करा सकती है।
इससे शिशु के अंदर एंटीबॉडी और जरूरी पोषक तत्व पहुंच जाते हैं जो उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। यदि मां ज्यादा बीमार है और शिशु को सीधे स्तनपान नहीं करा सकती तो उसके दूध को कप में निकालकर शिशु को पिलाया जा सकता है। यदि मां आईसीयू में है और उसका दूध बच्चे को दिए जाने की स्थिति नहीं हो तो ऐसे में किसी स्वस्थ मां का दूध शिशु को दिया जा सकता है।