लखनऊ। भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय में ग्रीष्मकालीन संगीत एवं कला अभिरुचि कार्यशाला में प्रतिभा निखारने का मंच मिल रहा है। कुछ लोग तनाव कम करने के लिए यहां प्रशिक्षण लेने पहुंचे हैं।
उम्र को मात देकर लोग कथक, संगीत और गायन कला सीख रहे हैं। एक महीने तक चलने वाली कार्यशाला का बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे आगाज हुआ।
पहला बैच सुबह नौ से 10 तक और दूसरा 10 से 11 बजे तक चला। इनमें 300 से अधिक लोगों ने विभिन्न कलाएं सीखीं। सारंगी, सरोद और पखावज में निशुल्क प्रशिक्षण लेने भी लोग पहुंचे।
कथक नृत्य में सबसे अधिक प्रतिभागी जुटे। इनमें लड़कियों की संख्या ज्यादा रही। उम्रदराज लोगों की संख्या लोकगीत और ढोलक सीखने वालों में रही। कुलसचिव डॉ. सृष्टि धवन ने बताया कि दाखिला अभी भी जारी है। कथक सीखने पहुंचीं 70 साल से अधिक उम्र की महिला ने बताया कि इससे उन्हें शांति मिलती है और तनाव कम होता है।