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अमौसी एयरपोर्ट के नए टर्मिनल को मिली रफ्तार, पहले चरण में डिपार्चर गेट व फ्लाईओवर हो रहा तैयार

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ऐसा होगा नया टर्मिनल - फोटो : LKO CITY
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लखनऊ। अमौसी एयरपोर्ट पर नए टर्मिनल के काम को गति मिल गई है। कोरोना संक्रमण के चलते निर्माण कार्य सुस्त था। पहले चरण में डिपार्चर गेट के लिए फ्लाईओवर का निर्माण चल रहा है, जो जल्द पूरा हो जाएगा। इसके बाद अराइवल गेट का निर्माण शुरू होगा। अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2023 की तय मियाद तक इसे पूरा कर लिया जाएगा।
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चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट उत्तर भारत का प्रमुख एयरपोर्ट बनकर उभरा है। यह 50 लाख से डेढ़ करोड़ यात्री प्रतिवर्ष वाली श्रेणी में है। अब यह कोच्चि, हैदराबाद, पुणे एयरपोर्ट को टक्कर दे रहा है। एयरपोर्ट को अत्याधुनिक बनाने के लिए नए टर्मिनल की जरूरत महसूस हुई और उसका प्रोजेक्ट बनाया गया। दो साल पहले केंद्र सरकार की ओर से नए टर्मिनल के लिए 1400 करोड़ रुपये दिए गए। इसमें एयरपोर्ट को जर्मनी के फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित करने की योजना बनी।
डिपार्चर ऊपर, अराइवल नीचे
अमौसी एयरपोर्ट के नए टर्मिनल की खास बात यह है कि इसका डिपार्चर ऊपर होगा। मतलब लखनऊ से बाहर जाने वाले यात्रियों को फ्लाईओवर के जरिये डिपार्चर गेट तक जाना पड़ेगा। वहीं लैंड होने वाले यात्रियों के लिए अराइवल गेट नीचे होगा। इससे एयरपोर्ट का लुक भी बदल जाएगा। साथ ही टर्मिनल की छत को इस तरह बनाया जाएगा, जो ऊपर से देखने पर गोमती नदी की धारा जैसी प्रतीत होगी। इसके अलावा पूरे एयरपोर्ट पर अवधी संस्कृति व स्थापत्य कला देखने को मिलेगी।
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ये सुविधाएं मिलेंगी टी-थ्री पर
अमौसी एयरपोर्ट का तीसरा टर्मिनल टी-थ्री कानपुर छोर की ओर बनाया जा रहा है। जो कि 1,15,000 वर्गमीटर में बनेगा। इस टर्मिनल से रोजाना 80 फ्लाइटों का टेक ऑफ और लैंडिंग हो सकेगी। यहां हर दस मिनट पर 4,000 यात्री आ-जा सकेंगे। 1,500 वाहनों की पार्किंग और 15 एयरोब्रिज यात्रियों की सुविधा के लिए लगे होंगे।
डिपार्चर के लिए बन रहा फ्लाईओवर
नए टर्मिनल के निर्माण कार्य को कई हिस्सों में बांटा गया है। मसलन, अराइवल, डिपार्चर, मुख्य भवन और सर्कुलेटिंग एरिया का डवलपमेंट। ऐसे में कंपनी चरणबद्ध तरीके से काम करेगी। वह पहले डिपार्चर का काम पूरा कर रही है। इसके लिए एयरपोर्ट प्रशासन की बिल्डिंग के सामने से फ्लाईओवर बन रहा है, जो सीधे मुख्य भवन तक आया हुआ है। इसके पूरा हो जाने के बाद अराइवल के लिए ग्राउंड फ्लोर पर शॉपिंग मॉल, रेस्टोरेंट, वाटर ट्रीटमेंट सिस्टम वगैरह की व्यवस्था की जाएगी।
इंटरनेशनल टर्मिनल होगा जमींदोज
अमौसी एयरपोर्ट के नए टर्मिनल टी-3 को अभी खाली पड़ी जमीन पर बनाया जा रहा है। लेकिन जब इसका विस्तार घरेलू टर्मिनल टी-2 की तरफ किया जाएगा तो रास्ते में पड़ने वाला इंटरनेशनल टर्मिनल की बिल्डिंग टी-1 को जमींदोज कर दिया जाएगा। जब एयरपोर्ट बना तो सबसे पहले यह टर्मिनल ही बना था। जो फ़िलहाल एयरपोर्ट का सबसे पुराना स्ट्रक्चर भी है। लेकिन एयरपोर्ट को अत्याधुनिक बनाने के लिए इसे तोड़ा जाएगा।
रनवे विस्तार, हैंगर से बढ़ेगा कद
एक ओर अमौसी एयरपोर्ट पर नए टर्मिनल का निर्माण कार्य चल रहा है, वहीं दूसरी ओर रनवे के विस्तार, हैंगर, समानांतर टैक्सी वे जैस प्रोजेक्ट इस टर्मिनल की भव्यता बढ़ा देंगे। अमौसी का रनवे अभी 2700 मीटर लंबा है। इसे 500 मीटर बढ़ाने का लक्ष्य है। इसके अलावा विमानों की पार्किंग के लिए हैंगर बनाए जा रहे हैं। अभी 14 विमानों की पार्किंग की जगह है, जिसे बढ़ाकर 22 करने का लक्ष्य है। वहीं एयरपोर्ट पर फायर फाइटिंग सिस्टम भी अपग्रेड किया जाएगा।

अमौसी एयरपोर्ट पर बनता नया टर्मिनल।- फोटो : LKO CITY

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