बख्शी का तालाब। सीतापुर हाईवे किनारे बख्शी का तालाब कस्बा में उमेश रावत की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उनका शव घर के भीतर फंदे से लटका मिला था। उमेश की ममेरी बहन सुमन ने भाई की हत्या का आरोप लगाया है।
इंस्पेक्टर संजय सिंह ने बताया कि उमेश रावत (46) बड़ी बाजार बख्शी का तालाब में पल्लेदारी का काम करते थे। मंगलवार दोपहर लगभग डेढ़ बजे उनका शव साड़ी के सहारे लोहे के एंगल से लटका पाया गया। रिश्तेदार हंसराज की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतारा। पुलिस को मौके पर नशे में धुत कुछ लोग शव से लिपटकर रोते मिले, जिन्होंने खुद को रिश्तेदार बताया। वहीं, हाईवे की तरफ घर अंदर से बंद था, लेकिन पीछे रेलवे लाइन की तरफ दरवाजा नहीं था।
सुमन का आरोप है कि उनके भाई की हत्या के बाद शव को लटकाया गया है। उन्होंने बताया कि साड़ी का फंदा गले में न होकर जबड़े से ऊपर से बंधा था। पैरों से चप्पल नदारद थी और नीचे कोई वस्तु नहीं थी, जिस पर खड़े होकर वह फंदा लगाते। एसीपी विकास पांडेय का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
कुछ दिन पहले हुआ था विवाद
उमेश की मौत की खबर सुनकर वहां बड़ी संख्या में लोग जमा गए। लोगों में चर्चा है कि उमेश के मकान की बिक्री को लेकर विवाद चल रहा था। कुछ दिन पहले उमेश ने इस विवाद को खत्म करते हुए समझौता भी किया था। इसके लिए लिखापढ़ी भी हुई थी। उसकी कॉपी उमेश के भाई के पास है, लेकिन उस पर तिथि अंकित नहीं है। हाईवे किनारे मकान होने के कारण उसकी कीमत लाखों में बताई जा रही है।
उमेश रावत की फाइल फोटो।