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आज से यूपी में भी एनआरसी पर काम शुरू, कराई जाएगी वीडियो रिकॉर्डिंग 

Tue, 01 Oct 2019 11:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा सैयद यासिर रजा, लखनऊ

सार

  • एनआरसी का ड्राफ्ट जारी करने की डीजीपी मुख्यालय ने तैयारी शुरू कर दी है
  • फर्जी अभिलेख मुहैया कराने वाले नपेंगे 
  • एकत्र किए जाएंगे फिंगर प्रिंट डाटा
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एनआरसी - फोटो : social media
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विस्तार
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प्रदेश में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्ट्रेशन (एनआरसी) का ड्राफ्ट जारी करने की डीजीपी मुख्यालय ने तैयारी शुरू कर दी है। मंगलवार को सभी जिलों के पुलिस कप्तानों, आईजी, डीआईजी रेंज व एडीजी जोन को पत्र भेजकर इस पर काम शुरू करने के निर्देश दिए जाएंगे।

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सूत्रों के मुताबिक एनआरसी के लिए डीजीपी मुख्यालय ने जो मसौदा तैयार किया है उसमें सभी जिलों के बाहरी छोर पर स्थित रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, रोड के किनारे व उसके आसपास नई बस्तियों की पहचान की जाएगी जहां बांग्लादेशी व अन्य विदेशी नागरिक अवैध रूप से शरण लेते हैं। 

सतर्कता के साथ सत्यापन के इस कार्य की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाएगी। जांच में अगर संबंधित व्यक्ति अपना पता अन्य राज्यों, जिलों में बताता है तो समयबद्घ तरीके से उसका सत्यापन कराया जाएगा।
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फर्जी अभिलेख मुहैया कराने वाले नपेंगे 
पुलिस यह भी पता लगाएगी कि विदेशी नागरिकों द्वारा अपने प्रवास को विनियमित करने के लिए कौन-कौन से फर्जी अभिलेख व सुविधाएं ले ली गई हैं। इसमें राशन कार्ड, वोटर कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, शस्त्र लाइसेंस, पासपोर्ट व आधार कार्ड हो सकते हैं। इन फर्जी अभिलेखों व सुविधाओं के बारे में जांच पूरी होने पर उनके निरस्तीकरण की कार्रवाई होगी और यह सुविधाएं मुहैया कराने वाले बिचौलियों व विभागीय कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी। 

एकत्र किए जाएंगे फिंगर प्रिंट डाटा
सूत्रों का कहना है कि अवैध आवासित विदेशी नागरिकों के फिंगर प्रिंट लेकर राज्य फिंगर प्रिंट ब्यूरो भेजा जाएगा। वहां ऐसे लोगों का कंप्यूटराइज्ड डाटा जिलावार रखा जाएगा। साथ ही विभिन्न व्यवसायों जैसे कंस्ट्रक्शन कंपनियों को अपने यहां काम कर रहे विदेशी मजदूरों के आईडी प्रूफ का पुलिस सत्यापन कराकर रखना होगा। 

देश से निकाले जाएंगे अवैध विदेशी 
अवैध विदेशी नागरिकों को पहचान कर उन्हें देश से निकालने के लिए प्रस्ताव निर्धारित प्रारूप में शासन के गृह (वीजा) विभाग को भेज दिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया की समय-समय पर समीक्षा होगी। अवैध विदेशियों को वापस भेजने के लिए आईजी बीएसएफ, कोलकाता से समन्वय स्थापित किया जाएगा। 

त्योहारों से पहले शुरू होगा अभियान
आंतरिक सुरक्षा को प्रभावी बनाने के लिए इस अभियान को त्यौहारों से पहले शुरू करने की जरूरत बताई गई है। मसौदे में यह भी कहा गया है कि इस सूची में कई ऐसे व्यक्ति भी हो सकते हैं जो किसी जिले के फरार अपराधी हों। उनकी पहचान त्रिनेत्र एप से कराई जाएगी।

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