लखनऊ। वेतन विसंगति से नाराज सेवा अनुबंधित (बॉन्ड) डॉक्टरों ने सोमवार को हजरतगंज स्थित जीपीओ पर मुंह पर पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। डॉक्टरों ने अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार शुरू करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा और समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग की।
डॉक्टरों के मुताबिक, सरकारी मेडिकल कॉलेजों और सीएचसी-पीएचसी में तैनात सेवा अनुबंधित डॉक्टरों के वेतन में बड़ा अंतर है। समान एमबीबीएस डिग्री, अनिवार्य सेवा (बॉन्ड) अवधि और भर्ती प्रक्रिया के बावजूद सीएचसी-पीएचसी के डॉक्टरों को 50 से 65 हजार रुपये, जबकि मेडिकल कॉलेजों में तैनात डॉक्टरों को एक लाख रुपये या अधिक प्रतिमाह वेतन मिलता है।
डॉक्टरों का कहना है कि दो सितंबर को उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने शासनादेश जारी कराने का आश्वासन दिया था। इसे तीन सितंबर तक जारी होना था लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ। कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद मांग पूरी न होने से डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ गई है।