बैजनापुरवा गांव निवासी एक महिला को गुरुवार दोपहर में सांप ने डस लिया। परिजान उसे लेकर सीएचसी पहुंचे। यहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस पर परिजान महिला को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे और वहां उसका इलाज शुरू हो गया। इस दौरान परिवार के लोगों ने तांत्रिक को भी बुला लिया। तांत्रिक ने इमरजेंसी के सामने ही झाड़फूंक शुरू कर दी। इससे चिकित्सक हैरत में पड़ गए।
रिसिया थाना अंतर्गत बैजनाथपुरवा गांव निवासी जाकरुकन (45) पत्नी अब्दुल खालिक गुरुवार दोपहर में किसी काम से घर से बाहर निकली थी। इसी दौरान सांप ने उसे डस लिया। परिवार के लोग उसे सीएचसी ले गए। यहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला मुख्यालय पर स्थित मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में महिला का इलाज शुरू हुआ।
इसी दौरान परिवारीजन झाड़फूंक के लिए तांत्रिक को ले आए। तांत्रिक ने इलाज करा रही महिला को इमरजेंसी से बाहर निकलवाया। इसके बाद वहीं झाड़फूंक शुरू कर दी। इससे लोगों की भीड़ एकत्रित होने लगी। 10 मिनट के झाड़फूंक के बाद परिवारीजन महिला को लेकर घर चले गए।
इमरजेंसी के सामने ही झाड़फूंक होता देखकर अन्य मरीज व तीमारदार हैरान रहे। इस मामले में सीएमएस डॉ. डीके सिंह ने बताया कि सर्प दंश से पीड़ित लोगों को सिर्फ इलाज पर ही भरोसा करना चाहिए। इलाज से ही जिंदगी बचेगी। झाड़फूंक पर विश्वास करना अंधविश्वास है।