अन्य राज्यों व महानगरों से श्रमिक स्पेशल ट्रेनों से आने वाले मजदूरों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। गुरुवार को सातवें दिन मुंबई से गोंडा आ रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन के एक कोच के शौचालय में एक महिला की मौत हो गई। महिला का शव शौचालय में पड़ा मिला।
ट्रेन के गोंडा रेलवे स्टेशन पहुंचने पर शव को यहां उतारा गया। जीआरपी ने महिला के शव का पंचायतनामा कराया है। अब तक श्रमिक स्पेशल ट्रेनों में मरने वालों की संख्या पांच पहुंच गई है।
सिद्धार्थनगर जनपद के त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के जखौरा जनखोरा गांव की रहने वाली जलीमुन्निशा (55) गुरुवार को मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनल रेलवे स्टेशन से श्रमिक स्पेशल ट्रेन से गोंडा आ रही थी। एस-5 कोच में यात्रा कर रही जलीमुन्निशा रास्ते में शौचालय गई थी। वहां वह बेहोश होकर गिर पड़ी।
इसके बाद उसकी मौत हो गई। ट्रेन के गोंडा रेलवे स्टेशन पहुंचने पर रेलवे अस्पताल के डॉ. आरएस यादव ने उसे मृत घोषित कर दिया। जीआरपी इंस्पेक्टर राणा राजेश कुमार सिंह ने बताया कि महिला के शव का पंचायतनामा कराया गया है।
जीआरपी इंस्पेक्टर के मुताबिक महिला के साथ यात्रा कर रहे परिवार के लोगों ने बताया कि महिला का हृदय संबंधित इलाज मुंबई में चल रहा था। इससे पहले 26 मई को मुंबई से श्रमिक स्पेशल ट्रेन से बलरामपुर आ रहे मोहम्मद मुस्तफा (56), 22 मई को झांसी से गोरखपुर जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन में रामलखन, 23 मई को हरियाणा के दादरी से बिहार प्रांत के सिवान जा रही महिला बिंदू देवी (50) व 24 मई को झांसी से गोरखपुर जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन में रामभवन (40) की मौत हो चुकी है।
वहीं आज झांसी रेलवे स्टेशन पर खड़ी श्रमिक स्पेशल ट्रेन के शौचालय में एक मजदूर की लाश मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक के पास से मिले कागजातों की जांच कर परिजनों को मामले की सूचना दी गई। पुलिस ने इसे संदिग्ध मौत मानते हुए मृतक का सैंपल लेकर कोरोना जांच के लिए भेज दिया है।
इससे पहले बुधवार रात 11 बजे पश्चिम बंगाल कलिंगपोंग की रहने वाली 51 वर्षीय महिला का शव इटावा स्टेशन पर उतारा गया था। महिला दिल्ली से परिवार के चार लोगों के साथ यात्रा कर रही थी।