यूपी महिला आयोग ने महिलाओं की निजता को बनाए रखने के लिए महिलाओं के कपड़ों की नाप महिलाओं द्वारा ही लेने की बात कही है। महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों के संरक्षण को लेकर सोमवार को महिला आयोग की बैठक की गई। बैठक के बाद सभी जिलाधिकारियों को महिला जिम, योगा सेंटर, विद्यालयों, नाट्य कला केंद्रों, बुटीक सेंटर और कोचिंग सेंटर पर महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा और सम्मान को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
महिला आयोग की अध्यक्ष डा बबीता सिंह चौहान ने अन्य पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ बैठक कर महिला सुरक्षा और उनके अधिकारों के संरक्षण पर मंथन किया। बैठक में निर्णय लिया गया कि महिला जिम और योगा सेंटर में महिला ट्रेनर का होना अनिवार्य है। साथ ही महिला जिम का सत्यापन भी होना चाहिए। ऐसे सेंटर में सीसीटीवी सक्रिय होना चाहिए और अभ्यर्थियों को पहचान पत्र देखकर ही प्रवेश दिया जाए।
आयोग ने निर्देश दिए कि विद्यालयों की बसों में महिला सुरक्षाकर्मी या महिला शिक्षिका का होना अनिवार्य है। नाट्य कला केंद्रों में महिला डांस ट्रेनर और सीसीटीवी की व्यवस्था होनी चाहिए। बुटीक सेंटर पर महिला परिधानों की नाप लेने के लिए महिला टेलर ही होना चाहिए। कोचिंग सेंटर पर सीसीटीवी और वाशरूम की सुविधा होना अनिवार्य है। महिला परिधानों के बिक्री केंद्रों पर महिला कर्मचारियों का होना आवश्यक है।
महिला आयोग की बैठक में अध्यक्ष के साथ उपाध्यक्ष अपर्णा यादव, चारू चौधरी और सदस्य हिमानी अग्रवाल, सुनीता श्रीवास्तव, अंजू प्रजापति, पूनम द्विवेदी, अनीता गुप्ता, अनुपमा सिंह लोधी, सुजीता कुमारी समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे।