इसके बाद दोनों महिलाएं जबरन रीना को लेकर महिला अस्पताल के निकट स्थित एक नर्सिंगहोम में ले गईं। वहीं पर जीवनलाल को भर्ती करा दिया। इसके बाद नर्सिंगहोम के कर्मचारियों ने सात हजार रुपये की मांग की। इस पर रीना रोने लगी। उसने इतने रुपये न होने की बात कही। इस पर कर्मचारियों ने कहा कि बिना रुपये के इलाज नहीं होगा।
रीना का पति रामधीरज रुपये लेने गांव चला गया। कुछ देर बाद वह रुपये लेकर बहराइच पहुंचा और नर्सिंगहोम में जमा किये, तब मासूम का इलाज शुरू हो सका। गुरुवार सुबह रीना दवा लेने के लिए नर्सिंगहोम से बाहर निकली तो महिला दलाल टहल रही थी। इस पर रीना ने उसे पकड़ लिया और फटकार लगाई। नोकझोंक होती देख वहां भीड़ लग गई।
रीना ने पुलिस को सूचना दी। इस पर कोतवाली नगर की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने महिला दलाल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रभारी निरीक्षक आरपी यादव ने बताया कि पीड़िता रीना ने अभी तहरीर नहीं दी है।
तहरीर मिलने पर महिला दलाल के विरुद्ध केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। उसे जेल भेजा जाएगा। उधर, मासूम जीवनलाल को पुन: जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड के पीआईसीयू में भर्ती कराकर इलाज शुरू किया गया है।