गोमतीनगर स्थित होटल में जूट मार्क इंडिया योजना पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गय
लखनऊ। भारतीय जूट उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से वस्त्र समिति के क्षेत्रीय कार्यालय कानपुर और राष्ट्रीय जूट बोर्ड की ओर से मंगलवार को गोमतीनगर स्थित होटल में जूट मार्क इंडिया योजना पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान जूट कारीगर महिलाओं ने सशक्तीकरण के गुर सीखे।
कार्यक्रम का शुभारंभ संयुक्त आयुक्त उद्योग एवं सीईओ- यूपीटीपीए उमेश चंद्रा ने किया। वस्त्र समिति कानपुर के उप निदेशक संजय वी. कोरवी ने स्वागत संबोधन किया। संयुक्त आयुक्त हथकरघा पीसी ठाकुर, निफ्ट रायबरेली की निदेशक प्रो. जोनाली डी. वाजपेयी और राष्ट्रीय जूट बोर्ड की सहायक निदेशक मौसमी पांडेय भी मौजूद रहीं। कार्यशाला के एक सत्र में वस्त्र समिति मुंबई के सहायक निदेशक संतोष शिंदे ने बताया कि जूट मार्क इंडिया लेबल जूट उत्पादों की शुद्धता और गुणवत्ता की गारंटी है। यह योजना क्यूआर-कोड के माध्यम से उत्पादों की प्रमाणिकता सुनिश्चित करती है, जिससे वैश्विक बाजार में भारतीय जूट की विश्वसनीयता बढ़ती है और स्थानीय कारीगरों को बिचौलियों व नकली उत्पादों से भी सुरक्षा मिलती है। इस दौरान आईआईए के महिला उद्यमी सेल की अध्यक्ष आनंदी अग्रवाल, जूट आर्टिसंस गिल्ड एसोसिएशन-लखनऊ की सचिव अंजलि सिंह और इंडो-अमेरिकन बिजनेस चैंबर की अध्यक्ष अनीता श्रीवास्तव ने वहां मौजूद जूट कारीगर महिलाओं को प्रोत्साहित कर सशक्तीकरण के गुर सिखाए। इस अवसर पर देवेंद्र सिंह मथारू और शैलेंद्र सिंह समेत बड़ी संख्या में जूट कारीगर महिलाएं मौजूद रहीं।
गोमतीनगर स्थित होटल में जूट मार्क इंडिया योजना पर एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गय