अहिमामऊ में हापा के दौरान भिड़ती महिलाएं।
लखनऊ। साड़ी पहने महिलाएं जैसे ही अखाड़े में उतरीं, तालियों की गड़गड़ाहट गूंज उठी। पेशेवर पहलवानों की तरह उनके दांव देखकर दर्शकों ने दांतों तले अंगुलियां दबा लीं। यह जोश बुधवार को अहिमामऊ में हापा (महिला कुश्ती) के दौरान देखने को मिला।
नागपंचमी के दूसरे दिन हुए दंगल में 15 वर्ष की किशोरियों से लेकर 60 वर्ष तक की महिलाओं तक ने दमखम दिखाया। सात राउंड तक चली कुश्ती में 14 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। आयोजक व पूर्व प्रधान 60 वर्षीय विनय कुमारी रावत ने रामकली और कमला को पटखनी देते हुए दंगल अपने नाम कर लिया।
15 वर्ष की नैन्सी और आंचल के बीच कांटे का मुकाबला देखने को मिला। अंत में जीत आंचल की हुई। अंकिता रावत ने अर्चना रावत पर जीत हासिल की। नीलम रावत ने राधा रावत को हराया। रितेश सिंह ने डॉ. शीला रावत को मात दी। गीता गौतम ने सिखा सिंह चौहान पर जीत हासिल की।
बेगम नूरजहां ने की थी हापा की शुरुआत
महिला कुश्ती के अनूठे आयोजन की शुरुआत 200 वर्ष पहले अहिमामऊ के नवाब की बेगम नूरजहां व कमरजहां ने नारी सशक्तीकरण के लिए की थी। इसकी कमान महिलाएं ही संभालती हैं। इस परंपरा को पूर्व प्रधान विनय कुमारी कायम रखे हैं।
निगोहा में हापा मेले में उमड़ी भीड़
निगोहां। कस्बे में लखनऊ-प्रयागराज हाईवे के किनारे हापा मेले का आयोजन किया गया। हालांकि, बारिश के चलते इस बार दंगल नहीं हो सका। थानाध्यक्ष अनुज तिवारी ने बताया कि मेले की सुरक्षा व्यवस्था के लिए पीएसी सहित स्थानीय पुलिस बल मौजूद रहा। (संवाद)