एसिड अटैक से पीड़ित महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूववर्ती सरकार द्वारा गोमती नगर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर परिवर्तन स्थल परिसर में खुलवाए गए ‘शीरोज हैंगआउट कैफे’ को बंद कराने के आदेश दिए गए हैं। 29 सितंबर तक कैफे परिसर को खाली करने को कहा है। उधर कैफे का संचालन करने वाली महिलाओं ने महिला कल्याण निगम के इस फैसले के खिलाफ मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप करने की मांग की है।
महिला कल्याण निगम द्वारा शीरोज कैफे को खाली करने के संबंध में जारी आदेश में कहा गया है कि महिला कल्याण विभाग की अध्यक्षता में शीरोज हैंगआउट कैफे के संचालन के संबंध में गठित स्टेट मानिटरिंग कमेटी की 6 सितंबर को बैठक हुई थी। जिसमें शीरोज कैफे को बंद करने के बारे में निर्णय लिया गया था।
इसी क्रम में महिला कल्याण निगम की प्रबंध निदेशक गरिमा यादव की ओर से कैफे की संचालन करने वाली छांव फाउंडेशन को आदेश दिया गया है कि 29 सिंतबर तक कैफे को बंद करके वहां की सारी सामग्री व उपकरण आदि को निगम के परियोजना प्रबंधक के यहां जमा करा दें।
उधर महिला कल्याण निगम के इस आदेश के बाद कैफे का संचालन कर ही एसिड पीड़ित महिलाओं ने विरोध जताया है। इस संबंध में महिलाएं विभागीय मंत्री से भी मिलने पहुंची थी, लेकिन महिला कल्याण मंत्री ने महिलाओं से मिलने से इंकार कर दिया था। उन्होंने अब मुख्यमंत्री से गुहार लगायी है कि उनके रोजी-रोटी से जुड़े कैफे को बंद करने के आदेश को वापस लिया जाए।