टैंकर ने तीन को रौंदा, महिला की मौत, चौकी पर प्रदर्शन व जाम
आलमबाग के मवइया इलाके में शनिवार सुबह बेकाबू टैंकर ने सड़क किनारे खड़ी होकर सवारी वाहन का इंतजार कर रही रामेश्वरी (55) समेत तीन लोगों को रौंद दिया।
रामेश्वरी की मौत हो गई जबकि उसकी रिश्तेदार दीपमाला (40) और चाय विक्रेता रतन (45) को भी काफी चोटें आईं। दोनों का उपचार चल रहा है।
उधर, हादसे से आक्रोशित इलाकाई लोगों ने टैंकर चालक को गिरफ्तार करने व रामेश्वरी के परिवारीजनों को मुआवजे व नौकरी की मांग लेकर मवइया चौकी के सामने धरना-प्रदर्शन व हंगामा किया।
पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों ने लोगों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। इंस्पेक्टर आनंद शाही ने बताया कि हादसा सुबह सवा छह बजे के आसपास हुआ।
मवैया पुल के नीचे मछली मंडी निवासी ज्ञानचंद की पत्नी रामेश्वरी आलमबाग के करदायी केंद्र में ठेके पर सफाई का काम करती थीं।
वह मछली मंडी निवासी रिश्तेदार महेश की पत्नी दीपमाला संग काम पर जाने के लिए सड़क किनारे सवारी वाहन का इंतजार कर रही थीं।
पास ही मवइया में रहने वाला चाय विक्रेता रतन खड़ा था। मवइया पुल से आलमबाग जा रहा तेज रफ्तार टैंकर आया।
अधिक गति होने के चलते चालक नियंत्रण नहीं रख सका और तीनों को रौंदते हुए टैंकर निकल गया। रामेश्वरी की मौके पर ही मौत हो गई जबकि दीपमाला व रतन घायल हो गए।
राहगीरों से सूचना पाकर आई पुलिस उन्हें अस्पताल ले गई। रतन को उपचार के बाद घर भेज दिया गया। जबकि दीपमाला की हालत नाजुक बताई जा रही है।
हादसे की जानकारी पाकर आक्रोशित परिवारीजन व इलाकाई लोग मवइया चौकी पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया।
सूचना पाकर एसीएम तृतीय संत कुमार, सीओ आलमबाग लाल प्रताप सिंह समेत कृष्णानगर, मानकनगर और आलमबाग थाने की फोर्स मौके पर पहुंच गई।
गुस्साए लोग टैंकर चालक को तत्काल गिरफ्तार करके जेल भेजने, रामेश्वरी के परिवार के एक सदस्य को नौकरी व पांच लाख रुपये मुआवजे की मांग कर रहे थे।
एसीएम ने मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक मदद का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया। करीब डेढ़ घंटे तक हंगामा व प्रदर्शन चला।
इस दौरान आलमबाग इलाके की यातायात व्यवस्था ठप रही। इंस्पेक्टर ने बताया कि अज्ञात टैंकर चालक के खिलाफ केस दर्ज करके उसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
परिवार का एकमात्र सहारा थी रामेश्वरी
रामेश्वरी अपने परिवार का एकमात्र सहारा थी। उसकी कमाई से ही परिवार के सदस्यों का पेट पलता था। पति ज्ञानचंद्र की मानसिक अवस्था ठीक नहीं है और वह घर पर ही रहते हैं। पांच बच्चों में दो बेटियों की शादी हो चुकी है जबकि 20 साल की आरती व 18 साल की शेफाली की शादी की बातचीत चल रही थी। रामेश्वरी की मौत से पूरा परिवार सदमे में है। परिवार के सामने दो वक्त के खाने का संकट पैदा हो गया है।
इंस्पेक्टर ने की पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता
लोगों ने अपने स्तर से क्रियाकर्म व अन्य सहायता का इंतजाम किया। आलमबाग इंस्पेक्टर आनंद शाही ने अपनी जेब से रामेश्वरी के परिवारीजनों को पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।