नसबंदी के बाद बच्चा पैदा होने से एक परिवार की परेशानी बढ़ गई। पहले से चार बच्चों को पालन कर रहे परिवार ने आर्थिक सहयोग के लिए डीजी हेल्थ को पत्र लिखा है। मार्च 2012 में नसबंदी कराने वाली उरुवा क्षेत्र की महिला 2014 में गर्भवती हो गई तो उसके होश उड़ गए।
पहले से ही चार बच्चे व उस पर घर की माली हालत ऐसी नहीं थी कि एक और बच्चे का पालन कर सके। पर गर्भ में पल रहा था उसे नष्ट करना भी उचित नहीं समझा। बच्चा पैदा होने के बाद महिला ने अब उसके पालन-पोषण का संकट हो गया है।
उरुवा क्षेत्र की रहने वाली एक महिला का पति पल्लेदारी करता है। चार बच्चों के बाद उसने परिवार नियोजन के लिए 15 मार्च 2012 को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर नसबंदी कराया। बावजूद वह गर्भवती हुई और 09 अक्टूबर 2014 को बच्चा पैदा हुआ।