लखनऊ। दुबग्गा में दशहरी मोड़ स्थित लखनऊ हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर में पथरी के ऑपरेशन से पहले दिए गए बेहोशी के इंजेक्शन से महिला की हालत बिगड़ गई। उसके परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। इसके बाद पुलिस ने मरीज को एरा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान बुधवार को उसकी मौत हो गई। इससे गुस्साए परिजनों ने बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन करने की कोशिश की। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया।
जेहटा माल रोड निवासी ज्ञान प्रकाश गौतम ने पथरी के ऑपरेशन के लिए पत्नी मीरा (45) को लखनऊ हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर में 28 नवंबर को भर्ती कराया। शुगर लेवल बढ़ा होने से ऑपरेशन नहीं हुआ। दो दिसंबर को ओटी में बेहोशी के डॉक्टर ने मीरा को इंजेक्शन लगाया। इससे उनकी हालत बिगड़ गई। मामले की जानकारी परिजनों को हुई तो वे हंगामा करने लगे। ज्ञान प्रकाश का आरोप है कि शुगर लेवल हाई होने के बाद भी बेहोशी का इंजेक्शन देने से उनकी पत्नी की हालत बिगड़ गई। अस्पताल ने ऑपरेशन से पहले सहमति पत्र में हस्ताक्षर तक नहीं कराए।
हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मीरा को एरा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। बुधवार दोपहर मीरा ने दम तोड़ दिया। बृहस्पतिवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर घर जा रहे थे। इस दौरान माल जेहटा रोड पर शव रखकर प्रदर्शन की कोशिश की गई। पुलिस के समझाने पर परिजन शव घर ले गए। उधर, लखनऊ हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर
के संचालक आसिफ का कहना है कि महिला का शुगर लेवल बढ़ा हुआ था। बेहोशी का इंजेक्शन देते ही मरीज को दिल का दौरा पड़ गया। इलाज में लापरवाही के आरोप बेबुनियाद हैं। नर्सिंग होम के नोडल डॉ. एपी सिंह का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी। अस्पताल के लापरवाही करने के आरोप सही मिले तो कार्रवाई की जाएगी।