विधानभवन के सामने आत्मदाह की कोशिश करने वाली महिला की बेटी के मुताबिक जामो कस्बा में उनकी पुश्तैनी जमीन है। जिस पर कब्जा और पानी निकासी को लेकर कुछ लोग विवाद कर रहे हैं। इन लोगों ने घर पर हमला भी किया था। इस दौरान उसके साथ बदसुलूकी भी की गई।
जामो पुलिस ने सुनील, राजकरन, राममिलन, के खिलाफ मारपीट व छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कर लिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। वहीं एसडीएम ने भी जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर की गई शिकायत पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। जिसके कारण दबंग लगातार प्रताड़ित करते आ रहे हैं।
दबंगों के कारण वह अपने परिवार के साथ घर छोड़ने को मजबूर हैं। इस मामले में दरोगा ब्रह्मानंद यादव ने उसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद दरोगा आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाए समझौता करने का दबाव बना रहे हैं। पीड़िताओं के मुताबिक जब अमेठी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो उच्चाधिकारियों से भी संपर्क किया। बताया कि वह आईजी रेंज के कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगा चुकी हैं। लेकिन वहां न्याय नहीं मिला। पुलिस व प्रशासन सीधे दबंगों की मदद कर रहा है।
लोकभवन के सामने मां-बेटी ने आत्मदाह के लिए मिट्टी का तेल उड़ेल लिया और आग लगा दी। दोनों आग की लपटों में घिरी चीख रही थीं। लेकिन मौजूद लोगों ने दोनों को बचाने के बजाय वीडियो बनानी शुरू कर दी। यहां तक कि किसी ने पुलिस को भी सूचना देना उचित नहीं समझा। यह हाल आम लोगों का ही नहीं बल्कि लोकभवन की सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मियों का भी रहा। सभी पुलिस के आने का इंतजार कर रहे थे। पुलिस पहुंची तो आग बुझाने के बाद सिविल अस्पताल में भर्ती कराया।