महिला का आरोप है कि रायबरेली में भाजपा से जुड़े एक नेता व ब्लॉक प्रमुख उसके परिवार के पीछे पड़े हैं। नेता और उसके सहयोगियों ने उसकी बहन और मां के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके कारण बहन ने आत्महत्या कर ली। वहीं मां की दुष्कर्म के बाद जिंदा जलाकर हत्या कर दी गई। साथ ही उसके भाई की हत्या कर दी गई, लेकिन भाजपा नेता के दबाव में बहन और भाई की हत्या के संबंध में रायबरेली पुलिस केस नहीं दर्ज कर रही है। यहां तक कि उसके छोटे भाई को फर्जी मामले में जेल भेज दिया। उसकी जान को भी खतरा बना हुआ है। रायबरेली जिलाधिकारी पर आरोप लगाया कि वे फर्जी उत्तराधिकार को प्रमाणित तौर पर खत्म नहीं कर रहे हैं। न ही उसके खारिज करने का प्रमाण पत्र दे रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक महिला पांच सूत्री मांगपत्र को लेकर मुख्यमंत्री आवास पहुंची थी। उसके मांग पत्र में बहन के साथ सामूहिक दुष्कर्म और आत्महत्या के लिए प्रेरित करने, भाई की हत्या का केस दर्ज कराने का आदेश दिया जाए। इसके अलावा मां को सामूहिक दुष्कर्म के बाद जिंदा जलाने और पिता की हत्या के मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए। भाजपा से जुड़े अपराधियों से उसकी और दोनों बेटियों की सुरक्षा के लिए उचित प्रबंध किया जाए। रायबरेली डीएम द्वारा जाली उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र निरस्त करने की प्रति उपलब्ध कराई और झूठे मामले में जेल में बंद छोटे भाई के जीवन रक्षा को देखते हुए हाई सिक्योरिटी सीसीटीवी की निगरानी में रखा जाए। तारीख पेशी के दौरान बज्र वाहन से कचहरी लाया जाए। सीओ हजरतगंज ने बताया कि पीड़िता का मांग पत्र शासन को भेज दिया गया है। वहीं जिला पुलिस से बातचीत कर उचित कार्रवाई के लिए कहा गया है।
मुख्यमंत्री आवास के मुख्य द्वार पर आत्मदाह की कोशिश और हंगामे के कारण गोल्फ क्लब चौराहे पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह से बाधित हो गई। करीब आधे घंटे तक चौराहे के हर तरफ वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। किसी तरह पुलिस महिला को जीप में डालकर महिला थाने लेकर गई। इसके बाद जाम समाप्त कराने में जुटी। पुलिस को यातायात सामान्य करने में आधा घंटा लग गया।