रंजना के मुताबिक उन्हें देखते ही पाल सिंह यादव व उसके साथियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर उनके साथ हाथापाई व मारपीट की गई। इस दौरान पाल सिंह यादव ने चाकू निकालकर उन पर हमला कर दिया। खून से लथपथ रंजना चीखीं तो परिवारीजन व आसपास के लोग दौड़े।
भीड़ के बीच घिरते देख हमलावर वहां से भाग निकले। रंजना को अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। रंजना का कहना है कि हमलावरों के साथ आई प्रथमा सिंह हरदोई निवासी शिक्षक चिरंजीव कुमार की पत्नी हैं।
चिरंजीव कुमार ने वर्ष 2011 में पत्नी समेत अन्य लोगों के खिलाफ किसी मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी। उक्त मामले में पाल सिंह यादव, पंकज, अनिमेष, उत्तम, रामकुमार और अभिषेक ने केस लड़ा था। बकौल रंजना, उस वक्त उपरोक्त सभी लोग वकील नहीं थे। उन्होंने फर्जी तरीके से केस में पैरवी की थी।
रंजना ने इस मामले में याचिका दायर की, जिसके बाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार ने फर्जी वकीलों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। रंजना का कहना है कि आरोपी इसी बात से नाराज हैं और अक्सर उसे धमकाते रहते हैं। प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि हमले की सूचना पाकर पुलिस मौके पर गई थी। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।