गाजीपुर थाना क्षेत्र में मनरेगा का एक अधिकारी अपनी पत्नी से सीएम के दौरे की बात कहकर दस दिन के लिए घर से निकला।
उसने दूसरा ब्याह रचाया और हनीमून मनाकर लौटा। पैरों में लगी महावर से भांडा फूटते देख पत्नी को हड़काया और दोनों बच्चों को रोते छोड़ चला गया। महिला ने दहेज उत्पीड़न व दूसरा ब्याह रचाने का केस दर्ज कराया है।
पुलिस के मुताबिक, इंदिरानगर के सी-ब्लॉक में रहने वाली अर्चना यादव ने चौक के जनता नगरी निवासी अपने पति अभिषेक पाठक, उसके पिता देवी प्रसाद व परिवार के अन्य लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
अर्चना का कहना है कि आठ साल पहले अभिषेक से उसकी दोस्ती हुई थी। वह अर्चना की बहन के साथ पढ़ता था।
अभिषेक को मनरेगा में अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी की नौकरी मिली और अर्चना ने प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय में आईटी विशेषज्ञ के रूप में ठेके पर काम शुरू किया।
गर्भवती होने पर अभिषेक ने परिवारीजनों को प्रेमप्रसंग की जानकारी दी। 24 अप्रैल 2013 को शादी हो गई। सास-ससुर ने अंतरजातीय विवाह से उनकी बेटियों की शादी में अड़चन का हवाला देकर किराए पर रहने की सलाह दी।