राजधानी लखनऊ में छह लोगों पर सोने की खदान के कारोबार में निवेश करने के नाम पर 24 लाख रुपये ठगने का आरोप लगा है। कोर्ट के आदेश पर महानगर थाने में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकाने की धारा में एफआईआर दर्ज की गई है। केस निशातगंज निवासी महिला कारोबारी निधि गौतम की तहरीर पर लिखा गया है।
निधि के मुताबिक, वह निशातगंज सातवीं गली में एनके फाइनेंस कंपनी चलाती हैं। कंपनी में क्रेडिट कार्ड बनवाने और फोटो कॉपी का काम होता है। 10 अप्रैल 2025 को उनकी कंपनी में मुंबई के विरार का रहने वाला कलीम हाशमी क्रेडिट कार्ड बनवाने पहुंचा था। बातों ही बातों में उसने निधि को बताया कि उसकी कंपनी को अफ्रीका में सोने की खदान चलाने का ठेका मिला है। अगर, कारोबार में वह भी निवेश करें तो छह माह से एक साल में दोगुना मुनाफा मिलेगा। इस पर कारोबारी ने घर आकर स्कीम समझाने की बात कही।
न तो मुनाफा मिला और न मूल रकम
पीड़िता का आरोप है कि अगले दिन कलीम घर आया। उन्हें निवेश कराने के लिए राजी कर लिया। फिर उन्होंने व रिश्तेदारों और दोस्तों ने कई टुकड़ों में 24 लाख ठग को दे दिए। मगर, समय बीतने पर उन्हें न तो मुनाफा मिला और न मूल रकम मिली। दबाव बनाने पर कलीम ने उन्हें 15 जुलाई को पीड़िता को आलमबाग आने को कहा। जब आलमबाग थाने के पास पहुंची तो वहां उन्हें कलीम के बेटे रेहान, उसकी पत्नी अंजुम, साथी साहिल व दो अज्ञात लोगों ने घेर लिया।
कनपटी पर असलहा सटाकर धमकाया
आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जबरन उन पर दबाव बनाते हुए सुलहनामा पर हस्ताक्षर करा लिया। फिर उनकी कनपटी पर असलहा सटाकर उन्हें विधानभवन के सामने हंगामा करने पर धमकी भी दी। परेशान पीड़िता ने कोर्ट की शरण ली। इंस्पेक्टर अखिलेश मिश्र ने बताया कि पीड़िता और आरोपियों को पूछताछ के लिए नोटिस दी जाएगी। बयान दर्ज होने और साक्ष्य संकलन होने के बाद कार्रवाई होगी।