करीब 22 साल पहले एक महिला ने सराफा की दुकान से एक जोड़ी पायल चुरा ली थी। वैसे इसकी भनक न तो दुकानदार को लगी और न ही महिला के घरवालों को, लेकिन खुद महिला अपराध बोध से ग्रसित हो गई।
वह अपना अपराध कुबूल करना चाहती थी। इसलिए कई बार दुकान पर गई, पर लोकलाज के भय से उसकी हिम्मत छूट जाती। इससे वह पश्चाताप की आग में जलने लगी।
इस तरह 22 साल निकल गए। आखिरकार बृहस्पतिवार को उसने हिम्मत जुटाई। वह सराफा की दुकान पर पहुंची और अपने कृत्य का खुलासा करते हुए माफी मांगी। इसके बाद उसने पायल का मूल्य चुकाकर अपने अपराधबोध से मुक्ति पाई।
ये वाकया आजमगढ़ का है। यहां के ठेकमा बाजार स्थित एक सराफा कारोबारी राजकुमार सेठ की दुकान पर बृहस्पतिवार की दोपहर 52 वर्षीय एक महिला पहुंची और चुपचाप बैठ गई।