जान से मरवाने की धमकी दी थी
मोहर सिंह ने गवाही में बताया कि वर्ष 2020 में अजीत सिंह के घर पर रुद्राभिषेक का आयोजन हुआ था। इसमें प्रदीप सिंह कबूतरा साथियों संग शामिल हुआ था। यहां प्रदीप सिंह ने वादी के सामने गवाही न देने अन्यथा जान से मरवाने की धमकी दी थी। प्रदीप ने कहा था की कुंटू, अखंड प्रताप सिंह और धनंजय सिंह मित्र हैं।
लिहाजा, धनंजय ने अखंड प्रताप से कहा है कि अगर अजीत सिंह गवाही देता है तो उसे रास्ते से हटवा दो। मैं सारी व्यवस्था करवा दूंगा, लेकिन अजीत सिंह गवाही देने पर अड़ा रहा। मोहर सिंह ने बताया कि अजीत सिंह की हत्या की साजिश कुंटू, अखंड प्रताप, प्रदीप कबूतरा और पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने रची है। धनंजय सिंह ने ही शूटरों को बुलवाया और अजीत सिंह की हत्या करवाई।
गवाह ने की कोर्ट में मौजूद आरोपियों की पहचान
गवाह ने कोर्ट में मौजूद आरोपी शिवेंद्र सिंह उर्फ अंकुर, मनीष उर्फ बंधन, मुस्तफा उर्फ बंटी और राजेश तोमर की शिनाख्त की। कहा, इन्हीं लोगों ने गोलियां चलाई थीं। इसमें वादी घायल हो गया था और अजीत सिंह की मौत हो गई थी। इस गवाह ने हरियाणा, जौनपुर और यमुनानगर जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये हाजिर तीन आरोपियों की भी गोली चलाने वालों के रूप में शिनाख्त की। अगली सुनवाई पर गवाह से बचाव पक्ष जिरह करेगा।
यह है पूरा मामला
6 जनवरी 2021 को मुहम्मदाबाद गोहना ब्लॉक के पूर्व उपप्रमुख अजीत सिंह की विभूति खंड क्षेत्र में 25 गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इसमें उसका साथी मोहर सिंह घायल हो गया था। इस घटना की रिपोर्ट मोहर सिंह ने विभूति खंड थाने में दर्ज कराई थी। विवेचना में पता चला की धनंजय सिंह की इस घटना में संलिप्तता है। बाद में धनंजय के मामले की विवेचना एसटीएफ को सौंप दी गई।
एसटीएफ ने विवेचना के बाद आरोपी धनंजय सिंह को हत्या व साजिश रचने के मामले में क्लीन चिट दी थी। हालांकि जानकारी होने के बावजूद आरोपी को बचाने के लिए सूचना न देने के आरोपों में कोर्ट में चार्जशीट दायर की थी। इस मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ हत्या समेत अन्य आरोपों में चार्जशीट दाखिल की थी।