ट्रॉमा में वेंटिलेटर न मिलने से महिला की मौत, हंगामा
लखनऊ। केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों की लापरवाही के चलते बुधवार रात गंभीर हालत में आई एक महिला मरीज ने दम तोड़ दिया। वेंटिलेटर न मिलने से उसकी जान चली गई। नाराज तीमारदारों ने लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। तीमारदारों ने आरोप लगाया कि मरीज को कैजुअल्टी में ले गए थे। वहां कुछ देर रखने के बाद बाहर कर दिया गया। डॉक्टरों ने मरीज को वेंटिलेटर की जरूरत बताते हुए दूसरे अस्पताल ले जाने को कहा और लौटा दिया। एंबुलेंस में ले जाते वक्त महिला की मौत हो गई।
बहराइच निवासी सुनीता (35) को बीती रात ट्रॉमा सेंटर लाया गया। तीमारदार शिवानंद का आरोप है कि डॉक्टरों ने मरीज को ठीक से नहीं देखा। वेंटिलेटर की जरूरत बताते हुए बाहर कर दिया। ऑक्सीजन तक नहीं लगाया गया। मरीज की सांसें फूल रही थीं। परिवारीजन उन्हें स्ट्रेचर से लेकर एंबुलेंस तक लाए। करीब आधे घंटे बिना ऑक्सीजन के तड़पने के बाद सुनीता की सांसें थम गईं।
वेंटिलेटर नहीं था खाली
मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत थी। वेंटिलेटर खाली न होने पर उसे दूसरे सेंटर ले जाने की सलाह दी गई। तीमारदार मरीज को ले नहीं जा रहे थे।
-डॉ. संदीप तिवारी, प्रवक्ता- केजीएमयू