मरीज और दानदाता का ब्लड ग्रुप मैच नहीं होने पर भी अब किडनी ट्रांसप्लांट संभव है। संजय गांधी पीजीआई में ऐसे 15 सफल किडनी ट्रांसप्लांट हो चुके हैं।
वैसे, इस तरह के ट्रांसप्लांट पर सामान्य से तीन गुना खर्च होता हैं, लेकिन इससे किडनी मिलने में आसानी हो जाती है।
यूरोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया और एसजीपीजीआई के संयुक्त तत्वावधान में ‘रीनल ट्रांसप्लांटेशन कांसेसनेस एंड कंट्रोवर्सी’ विषय पर पीजीआई में शुक्रवार को आयोजित सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) में डॉ. अनीस श्रीवास्तव ने यह जानकारी दी।
एसजीपीजीआई के ट्रांसप्लांट सर्जरी और यूरोलॉजी विभाग के डॉ. अनीस ने बताया कि अभी यह स्थिति है कि ब्लड ग्रुप मैच नहीं किया तो मरीज को जिंदगी भर डायलिसिस पर रहना पड़ता है।
ऐसे में ब्लड ग्रुप की मैचिंग से छुटकारा किडनी मरीजों के लिए वरदान साबित हो सकती है।