राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद में मुख्यमंत्री के फैसले को अंगूठा दिखाते हुए काम दे दिया गया। लगभग छह महीने पहले हुए इस खेल पर अभी तक परदा पड़ा हुआ है।
उधर तैनाती पाया अधिकारी मंडी परिषद में लगातार काम कर रहा है। मंडी परिषद की तरफ से उसे सुविधाएं भी मुहैया कराई गई हैं।
जानकारी के मुताबिक, मंडी परिषद बोर्ड की 29 मार्च की बैठक में परिषद के उप निदेशक (विधि) ए.के सक्सेना को 31 मार्च 2013 को सेवानिवृत्त होने के बाद एक वर्ष तक विधि सलाहकार के रूप में अनुबंध पर रख लिया जाए।
पर, बोर्ड ने इस टिप्पणी के साथ इस प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिया कि उप निदेशक (विधि) ए.के. सक्सेना को विधि सलाहकार के रूप में रखने का कोई औचित्य नहीं पाया गया।
सूत्रों के मुताबिक, इसके बावजूद अपर निदेशक (प्रशासन) डा. रामविलास यादव के हस्ताक्षर से 27 अप्रैल को एक आदेश जारी कर दिया गया।
जिसमें कहा गया है कि न्यायालय संबंधी कार्यों के निस्तारण के लिए अशोक कुमार सक्सेना को नामित किया जाता है। इसके लिए सक्सेना को नियमानुसार, मानदेय का भुगतान किया जाएगा।