बाराबंकी। सीमित संसाधनों और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद, फैजान ने अपने दृढ़ संकल्प और खेल के प्रति जुनून से राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। अजीमुद्दीन अशरफ इस्लामिया इंटर कॉलेज में कक्षा 10 के छात्र फैजान अब 30 जनवरी से तीन फरवरी तक दिल्ली में आयोजित होने वाली 69वीं राष्ट्रीय जूडो प्रतियोगिता में 50 किलोग्राम भार वर्ग में उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह उपलब्धि उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो मानते हैं कि हौसले हों तो सपने खुद रास्ता बना लेते हैं।
कठिन आर्थिक परिस्थितियों से जूडो तक का सफर
फैजान एक अत्यंत गरीब परिवार से आते हैं, जिनके पिता का निधन हो चुका है और माता गृहिणी हैं। आर्थिक तंगी उनके खेल के सफर में एक बड़ी बाधा रही है। इसके बावजूद, फैजान ने खेल के प्रति अपने समर्पण को कम नहीं होने दिया। उन्होंने सीमित संसाधनों में अभ्यास करते हुए अपने कौशल को निखारा और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने में सफलता प्राप्त की। उनका यह सफर दर्शाता है कि सच्ची लगन और मेहनत किसी भी चुनौती को पार कर सकती है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने का लक्ष्य
फैजान का खेल के प्रति जुनून केवल राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं तक सीमित नहीं है। पिछले वर्ष उन्होंने छत्तीसगढ़ में आयोजित राष्ट्रीय कुराश प्रतियोगिता में भाग लिया था, और 2025 में सहारनपुर में भी उन्होंने अपना दमखम दिखाया था। अब जूडो के मंच पर दिल्ली में उतरकर, फैजान एक नई पहचान बनाने की तैयारी में हैं। उनका सपना केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने देश और प्रदेश का नाम रोशन करना है। वे अपनी मेहनत और खेल के माध्यम से अपने माता-पिता के सपनों को साकार करना चाहते हैं। फैजान की यह यात्रा साबित करती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और अटूट समर्पण से किसी भी बाधा को पार किया जा सकता है।