ठंड की दस्तक और मौसम के बदलते मिजाज में लापरवाही सेहत पर भारी पड़ रही है। अधिक परेशानी बच्चों को हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि सुबह और रात की सर्द हवा बच्चों की सेहत के लिए ठीक नहीं है।
डफरिन अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सलमान खान बताते हैं कि रेट्रो और नोरो वायरस से पीड़ित बच्चों को विंटर डायरिया की शिकायत हो रही है। बच्चों को सुबह या रात के समय खुली हवा में लेकर निकलने से पहले हल्के गरम कपड़े जरूर पहना देना चाहिए।
ठंडी हवा से बच्चों के नाक और सीने में जकड़न की समस्या होती है जिससे इंफेक्शन का खतरा रहता है।
बलरामपुर व सिविल अस्पताल में विंटर डायरिया से पीड़ित दस से अधिक मरीजों को भर्ती कराया गया है।
बलरामपुर में नवल किशोर रोड के अनमोल (12), हरदोई के राहुल (9), ठाकुरगंज की रूचि (11), सुनीता (10) और पराने लखनऊ के रहने वाले साहिल (13) समेत कई नवजात बच्चे भर्ती हैं। सभी की हालात सामान्य है।
इसी तरह सिविल अस्पताल के बाल रोग वार्ड में आलमबाग के सुशांत (9), नरही के मनोज (12), सदर के अंकुर (8), मवैया के रत्नेश (14) और सीतापुर के अनुराग, बाराबंकी की माधुरी (8) समेत अन्य बच्चों को भर्ती कराया गया है।
बलरामपुर के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विष्णुलाल बताते हैं कि बच्चों की सेहत के लिए शुरुआती सर्द हवा हानिकारक है। ऐसे में सावधानी बरतना जरूरी है।