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रचनात्मक बहस व सदन की कार्यवाही ज्यादा से ज्यादा चलाने को तैयार : योगी

Wed, 17 Feb 2021 09:24 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
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विधान सभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने बृहस्पतिवार से प्रारंभ हो रहे विधानमंडल के बजट सत्र के संचालन के लिए सभी दलीय नेताओं से सहयोग करने का अनुरोध किया। नेता सदन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा उनकी सरकार सदन में रचनात्मक बहस व अधिक से अधिक समय तक कार्यवाही चलाने को प्रतिबद्ध है। विपक्षी नेताओं ने आश्वस्त किया कि सदन में जनता के मुद्दों पर होने होने पर वे सहयोग करने को तैयार हैं।
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विधान भवन में आयोजित सर्वदलीय बैठक में सीएम योगी व नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी समेत सभी दलों के नेता उपस्थित रहे। विधानसभा अध्यक्ष ने दलीय नेताओं ने अध्यक्ष को सदन चलाने में सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। कहा कि कोविड-19 के संक्रमण व चुनौतियों का सामना करते हुए हम लोग 6 महीने बाद मिल रहे है। हम सार्थक और रचनात्मक बहस एवं विचार-विमर्श को बढ़ावा देने के लिए तैयार हैं। सरकार अधिकतम समय तक सदन की कार्यवाही चलाने के लिए प्रतिबद्ध है। सदन की उच्च गरिमा और मर्यादा को बनाये रखते हुए यदि गंभीर चर्चा को आगे बढ़ाया जाए तो सदस्यों की गरिमा बढ़ेगी, लोकतंत्र के प्रति आम लोगों की आस्था बढ़ेगी। सदन में हम सबका आचरण समाज को प्रभावित करता है।, एक नई दिशा देता है। उसके माध्यम से समाज फिर अपनी दिशा तय करता है।

उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से कार्यवाही को सफलतापूर्वक चलाने और सदस्यों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर चर्चा करने के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। सरकार पूरा प्रयास करेगी कि सभी विषयों पर सकारात्मक कार्यवाही हो। यह सत्तापक्ष और विपक्ष की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस सत्र में देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश का ई-बजट पेश किया जाएगा।
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नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी व अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने कहा कि सरकार सदन में सभी मुद्दों पर चर्चा कराएगी तो विपक्ष पूर्ण सहयोग करेगा। विधानसभा अध्यक्ष ह्रदय नारायण दीक्षित ने कहा कि देश की सबसे बड़ी विधान सभा होने के नाते हमारे ऊपर दायित्व है कि हम संविधान के प्रति प्रतिबद्ध परंपरा, प्रतिबद्ध संस्कृति और हर तरह से संविधान के प्रति निष्ठावान होकर सदन की कार्यवाही को मधुरतापूर्वक चलाएं। सदन में सारगर्भित और गुणवत्तापूर्ण चर्चा के लिए सभी का सहयोग अपेक्षित है। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने भी सभी दलीय नेताओं से सदन के सफल एवं सुचारू रूप से संचालन के लिए सहयोग मांगा। बसपा नेता लाल जी वर्मा, कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा मोना, अपना दल (एस) के नेता नील रतन पटेल और सुहेल देव भारतीय समाज पार्टी से त्रिवेणी राम उपस्थित रहे।

सत्र में सरकार को कानून-व्यवस्था व अपराध के मुद्दे पर घेरेगी बसपा

बृहस्पतिवार से शुरू हो रहे विधान सभा सत्र में बहुजन समाज पार्टी सरकार को कानून व्यवस्था, अपराध, किसान व जनहित के आम मुद्दों पर घेरेगी। बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट कर इस संबंध में पार्टी के विधायकों को निर्देश जारी किए हैं। मायावती ने दो अलग ट्वीट किए हैं। जहां पहले ट्वीट में उन्होंने कहा है कि यूपी में विधानसभा व पंचायत चुनाव से पहले नेताओं, वकीलों व व्यापारियों आदि की हत्याओं का दौर शुरू हो जाना चिन्ताजनक है। किन्तु अति दुखद व निन्दनीय है कि इन घटनाओं को गंभीरता से न लेकर इन्हें पुरानी रंजिश आदि बताकर अपराधियों के खिलाफ  सख्त कार्रवाई नहीं करना। सरकार ध्यान दे। उन्होंने अपने दूसरे ट्वीट में कहा है कि यूपी विधानसभा के  कल (बृहस्पतिवार) से शुरू हो रहे सत्र में किसानों व जनहित के अहम मुद्दों के साथ साथ अपराध नियंत्रण व कानून व्यवस्था के मामले में सरकार की घोर लापरवाही व द्वेषपूर्ण कार्रवाई आदि के प्रति सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने का प्रयास किया जाए। इसके लिए पार्टी विधायकों को निर्देश दिए गए हैं।

आज संयुक्त अधिवेशन, 22 को बजट
विधानसभा की कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में हृदय नारायण दीक्षित ने बताया कि सदन का कार्यक्रम 18 फरवरी सें 10 मार्च तक घोषित किया गया है। 18 फरवरी को 11 बजे राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का विधान मंडल के एक साथ समवेत दोनों सदनों के समक्ष अभिभाषण होगा। 22 फरवरी को 11 बजे आय-व्यय का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा। 19 फरवरी को सदन में निधन के निदेश लिए जाएंगे। बैठक में रमापति शास्त्री, स्वामी प्रसाद मौर्या, राज्यमंत्री गुलाब देवी, फतेह बहादुर सिंह एवं योगेन्द्र उपाध्याय ने भाग लिया। विधान सभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे, प्रमुख सचिव संसदीय कार्य जेपी सिंह व अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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किसान आंदोलन, कानून व्यवस्था के मुद्दे उठाएंगे : चौधरी

नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा है कि बृहस्पतिवार से शुरू हो रहे विधानमंडल के बजट सत्र में पार्टी किसान आंदोलन का मुद्दा प्रमुखता से उठाएगी। दिल्ली से सटी प्रदेश की सीमा (गाजीपुर बॉर्डर) पर किसानों के आंदोलन को 80 दिन से ज्यादा हो गए हैं। बॉर्डर पर कटीलें तारों, कीलों व बड़े-बड़े पत्थरों से ऐसी बैरिकेडिंग की गई हैं मानों दुश्मन से लोहा लेने की तैयारी हो। सरकार ने लोकतांत्रिक मूल्यों को ताक पर रख दिया है। किसानों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। किसानों को तबाह करने वाले कानून जबरन थोपे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने गन्ना किसानों के साथ धोखा किया है।

तीन साल से गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाया। बकाया भुगतान भी 10 हजार करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया है। सरकार गन्ना किसानों के हितों की पूरी तरह अनदेखी कर रही है। यही हाल धान खरीद का रहा। किसानों को हजार से बारह सौ रुपये में बिचौलियों के हाथों धान बेचना पड़ा। उन्होंने कहा कि पुलिस हिरासत में मौतें बढ़ गई हैं। आजादी के बाद प्रदेश में इतनी खराब कानून व्यवस्था कभी नहीं रही, जितनी अब है। प्रधानों, पूर्व प्रधानों की हत्याएं हो रही है। समाजवादी पार्टी इन सभी मुद्दों को विधानसभा में पूरी ताकत से उठाएगी।
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